फतेहाबाद। त्योहारी सीजन में तहबाजारी को लेकर नगर परिषद प्रधान और अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं। जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई के तहबाजारी की वसूली के निर्देश जारी करने के अगले दिन नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने वीडियो जारी करके जवाब दिया है। प्रधान ने कहा कि उनका आग्रह ठुकराया गया है और वह अपनी बात पर कायम है। नगर परिषद रेहड़ी और स्टॉल संचालकों की जितने की पर्ची काटेगा उसका भुगतान वह खुद करेंगे। रेहड़ी और स्टॉल संचालक रसीद दिखाकर उनसे राशि ले जा सकते हैं।
वहीं इस मामले को लेकर राजनीति शुरू हो गई है और बाजार में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने अधिकारियों के इस निर्देशों को गलत ठहराया है। सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर चर्चाएं छिड़ी हुई है। गौरतलब है कि नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने पिछले सप्ताह डीएमसी को पत्र लिखकर आग्रह किया था। कि शहर मे त्योहारी सीजन के दौरान रेहड़ी और स्टॉल संचालकों से वसूली न की जाए। इसको लेकर नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं। लेकिन जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई ने पत्र लिखकर निर्देश दिए कि पार्किंग की मार्किंग की जाए और अतिक्रमण हटवाया जाए। इसके अलावा तहबाजारी के तहत वसूली करके रिपोर्ट दी जाए।
कागजों में दो साल में सिर्फ 33 हजार की तहबाजारी वसूली
नगर परिषद प्रधान और अधिकारियों के बीच तहबाजारी को लेकर जो खींचतान चल रही है। उसमें सच्चाई यह भी है कि नगर परिषद दो साल में सिर्फ 33 हजार रुपये की तहबाजारी वसूल पाया है। जबकि बजट में दोनों साल ही एक-एक लाख रुपये का बजट रखा गया था। वर्ष 2021-22 में नगर परिषद ने तहबाजारी के तहत 29950 रुपये वसूली की जबकि 2022-23 में मात्र 3000 रुपये ही वसूली हुई थी। बताया जा रहा है कि पिछले साल कर्मचारियों की हड़ताल के चलते तहबाजारी के तहत कागजों में वसूली नहीं हुई थी। नगर परिषद द्वारा 10 रुपये स्क्वायर फुट के हिसाब से तहबाजारी की वसूली की जा सकती है।
त्योहारी सीजन में सरकार का गरीब विरोधी फैसला : व्यापार मंडल
नगर परिषद प्रधान राजेंद्र खिंची द्वारा बाजारों में रेडी,फड़ी व स्टाल वालों से इस बार तहबाजारी न लेने का अनुरोध डीएमसी से किया गया था। मगर डीएमसी द्वारा नगर परिषद प्रधान के फैसले को दरकिनार कर तहबाजारी वसूलने का आदेश जारी कर दिया है। जिसका व्यापार मंडल फतेहाबाद ने कड़े शब्दों में विरोध जताया है। त्योहारों में एक गरीब, फड़ी, स्टॉल लगाने वाले दुकानदार त्योहारों में अपनी स्टॉल लगाते हैं जिनसे तहबाजारी वसूल कर नगर परिषद गरीब बोझ डाल रही है। सरकार का ये गरीब विरोधी फैसला है।
-अशोक नारंग, अध्यक्ष, व्यापार मंडल फतेहाबाद
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रेहड़ी व फड़ी वालों की तहबाजारी की पर्ची की फीस खुद भरने को लेकर किए गए एलान की सराहना योग्य है। दीपावली के पर्व पर रोजी रोटी कमाने वाले रेहड़ी व फड़ी वालों को किसी प्रकार का आर्थिक बोझ नहीं आने देना चाहिए। नगर परिषद प्रधान अपनी बात का धनी होने का सबूत दिया है और यह हर नेताओं में होनी जरूरी है।
-राखी मक्कड़, जिला अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा
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नोटबंदी और कोरोना काल के कारण छोटे दुकानदार, रेहड़ी चालक व फड़ी वाले पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके हैं। त्योहारी सीजन में ही उन्हें थोड़ी बहुत उम्मीद होती है। इन लोगों को आर्थिक राहत देने के लिए नगर परिषद चेयरमैन राजेंद्र खिंची ने इस बार टैक्स न वसूलने का पत्र जारी किया था। मगर कुछ विरोधी ताकतों ने चेयरमैन के इस फैसले को रद्द कर डीएमसी को मोहरा बनाकर गुंडा वसूली का नया पत्र जारी करवा दिया है। राजेंद्र खिंची शहर की जनता का भला करना चाहते हैं तो तुरंत तमाम संस्थाओं व मौजिज लोगों की महापंचायत बुलाए व उन ताकतों का चेहरा बेनकाब करें जो जनता का भला नहीं होने देती।
-बलवान सिंह दौलतपुरिया, पूर्व विधायक, फतेहाबाद
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बजट मीटिंग में तहबाजारी का बजट पारित किया जाता था। इसी को लेकर ही तहबाजारी की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। नगर परिषद ईओ ही इसको लेकर तय करते हैं कि कैसे वसूली करनी है। शहर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिक्रमण हटाने और पार्किंग की मार्किंग के निर्देश दिए गए हैं।
-संजय बिश्नोई, जिला नगर आयुक्त, फतेहाबाद