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जिले के सरकारी अस्पतालों में 145 में से 96 चिकित्सकों के पद खाली

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नागरिक अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर लगी भीड़ - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। राजस्थान के कोटा और उसके बाद गुजरात के सरकारी अस्पतालों में बच्चों की मौत के बाद सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगा है। जब जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल की गई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। फतेहाबाद जिले में कुल 29 स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें कुल 145 चिकित्सकों के पद स्वीकृत हैं, जबकि इस समय मात्र 96 चिकित्सक ही तैनात हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। इतना ही नहीं नौ डॉक्टर लंबे समय से छुट्टी पर हैं। जिला के 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं जहां पर एक भी डॉक्टर नहीं है। ये ही नहीं डेंटल सर्जन के 27 में से 20 पद खाली पड़े हैं। जिला अस्पताल में इस समय न शिशु रोग विशेषज्ञ है और इसके अलावा न ही आर्थो और महिला रोग विशेषज्ञ हैं।
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इमरजेंसी में एक भी चिकित्सक नहीं
जिला अस्पताल की अगर बात करें तो यहां पर इमरजेंसी चलाने के लिए 8 पद स्वीकृत हैं। लेकिन इमरजेंसी में एक भी डॉक्टर नहीं है। ओपीडी में तैनात विशेषज्ञ ही इमरजेंसी संभाल रहे हैं। दिन के समय विशेषज्ञ इमरजेंसी संभालते हैं तो रात के समय फील्ड के मेडिकल आफिसर इमरजेंसी संभाल रहे हैं। इमरजेंसी में स्पेशलिस्ट न होने के कारण हर तीसरा मरीज यहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर हो रहा है।
जानिए क्या है जिला अस्पतालों की स्थिति
अस्पताल स्वीकृत पद कार्यरत खाली
सिविल अस्पताल फतेहाबाद 42 17 25
पालीक्लीनिक हुडा 2 1 1
सिविल अस्पताल टोहाना 13 6 7
सिविल अस्पताल रतिया 13 2 11
पीएचसी हिजरावां 2 0 2
पीएचसी नागपुर 2 1 1
पीएचसी महमड़ा 2 0 2
पीएचसी अहरवा 2 1 1
पीएचसी भिरड़ाना 2 1 1
पीएचसी हसंगा 2 0 2
पीएचसी भूथनकलां 2 0 2
सीएचसी भट्टूकलां 7 2 5
पीएचसी पीलीमंदोरी 2 1 1
पीएचसी बनगांव 2 2 0
पीएचसी खैरातीखेड़ा 2 2 0
पीएचसी खाबड़ाकलां 2 0 2
सीएचसी बड़ोपल 7 1 6
पीएचसी बीघड़ 2 0 2
सीएचसी जाखल 7 4 3
पीएचसी मामुपुर 2 1 1
पीएचसी समैन 2 0 2
पीएचसी इंदाछुई 2 0 2
पीएचसी कुलां 2 0 2
पीएचसी म्योंदकलां 2 0 2
सीएचसी भूना 7 1 6
पीएचसी पिरथला 2 2 0
पीएचसी झलनियां 2 1 1
पीएचसी एमपीरोही 2 1 1
पीएचसी नहला 2 0 2
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सांसद की मीटिंग में भी उठा था मुद्दा
चिकित्सकों की कमी का मुद्दा 10 दिन पहले सांसद की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में उठ चुका है। टोहाना के विधायक देवेंद्र सिंह बबली ने मुद्दा उठाया था तो सांसद सुनीता दुग्गल ने सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे लेकिन सिविल सर्जन ने मीटिंग में कहा था कि डॉक्टर है ही नहीं, हमें पता कैसे व्यवस्था चला रहे।
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डॉक्टरों की कमी को लेकर मुख्यालय को लिखा गया है, मुख्यालय स्तर पर डाक्टरों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। इमरजेंसी चलाने के लिए फील्ड के डाक्टरों की ड्यूटी यहां पर लगाई गई है।
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- डॉ. मनीष बंसल, सिविल सर्जन
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