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चार और गांवों के युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालेगी पुलिस

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फतेहाबाद का नशा मुक्ति केंद्र। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। पुलिस को अभी तक आप ने अपराधियों के पीछे दौड़ते हुए या फिर सुरक्षा ड्यूटी करते हुए देखा होगा। लेकिन अब पुलिस ने युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने का भी जिम्मा ले लिया है। 6 गांवों में नशा मुक्ति को लेकर अभियान कामयाब रहने के बाद पुलिस ने इसका दायरा बढ़ा दिया है। जिला पुलिस अब चार और गांवों के युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालेगी।
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बता दें कि फतेहाबाद पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने चार और गांव गोद लिए हैं। इन गोद लिए गए गांवों में लाली, भरपूर, चुहड़पुर और नकटा शामिल है। यहां पर नशा मुक्ति टीम सर्वे करेगी और नशा के दलदल में फंसे युवाओं को बाहर निकालेगी। पुलिस की नशा मुक्ति टीम नशा ले रहे युवाओं की काउंसिलिंग करेगी। अगर किसी को उपचार के लिए नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवाने की जरूरत है तो उसे वहां भी दाखिल करवाया जाएगा। पुलिस ने फिलहाल गांवों को गोद लिया है जहां पर सबसे ज्यादा नशे की गिरफ्त में युवा हैं। संवाद
पहले के गोद लिए 6 गांव के 32 मरीजों का करवा रहे उपचार
पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने पहले 6 गांव गोद लिए थे। इसमें गांव अयाल्की, हिजरावां कलां, रत्ताखेड़ा, महमड़ा, रतनगढ़ और ब्राह्मणवाला शामिल है। यहां पर नशा मुक्ति टीम ने सर्वे करके नशा ले रहे युवाओं की काउंसिलिंग की, उनके परिवार के लोगों की काउंसिलिंग भी की गई। करीब 32 मरीजों को नशा छोड़ने के लिए फतेहाबाद के नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल करवा चुके हैं।
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10 से 15 साल के बच्चे भी ले रहे नशा
पुलिस ने जो गांव गोद लिए है उसमें चौंकाने वाली बातें भी सामने आई है। युवाओं के साथ-साथ बच्चे भी नशे की गिरफ्त में हैं। कई गांव ऐसे हैं जहां पर 10 से 15 साल के बच्चे भी नशा ले रहे हैं। इसको लेकर मां-बाप भी परेशान हैं।
जिले के नशा मुक्ति केंद्र की स्थिति
जिले में नशा मुक्ति केंद्र बेड की मंजूरी मरीज दाखिल
1 10 34
मई 2018 से फरवरी 2022 तक दाखिल हुए मरीज : 893
नशा छोड़ने के लिए ओपीडी में रोजाना आ रहे मरीज : 25 से 30
कोट
पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने उच्च अधिकारियों के आदेश पर चार और गांव गोद लिए हैं। इन गांवों में सर्वे किया जाएगा और नशे की दलदल में फंसे युवाओं को बाहर निकाला जाएगा। पुलिस इसको लेकर प्रयास कर रही है ताकि समय रहते युवाओं को गलत प्रवृति से बाहर निकाला जा सके और समाज की मुख्य धारा के साथ जोड़ा जाए। इसके अलावा गांवों में बैनर लगाए गए हैं जिसमें नशा तस्करों की जानकारी देने के लिए नंबर लिखे गए हैं ताकि ग्रामीणों के सहयोग नशा तस्करों को पकड़ा जा सके। सूचना देने वाले का नाम पुलिस विभाग नाम गुप्त रखेगा।
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-सुंदर मुसाफिर, इंचार्ज नशा मुक्ति टीम
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