रतिया रोड पर प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में लेते पुलिसकर्मी।
फतेहाबाद। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का विरोध करने के लिए रतिया रोड स्थित पुल के नीचे एकत्रित हुए 150 से अधिक किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे पहले करीब एक घंटे तक किसानों ने पुल के नीचे बैठकर धरना दिया। पूर्व मुख्यमंत्री की अनाज मंडी में विजय संकल्प रैली निर्धारित की गई है। इसकी जानकारी पहले से होने के चलते किसान संगठनों ने विरोध का एलान किया था।
प्रदर्शन करने के लिए खेती बचाओ किसान संघर्ष समिति के सदस्य रतिया रोड जबकि पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के सदस्य जाट धर्मशाला के पास एकत्रित हो गए। दोनों जगह भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पगड़ी संभाल जट्टा समिति के सदस्य जीटी रोड के किनारे शृंखला बनाकर खड़े हो गए। किसानों ने हाथों में एमएसपी की गारंटी दो, बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दो जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर विरोध प्रदर्शन किया। यहां पुलिसकर्मियों ने पहले उन्हें समझाने का प्रयास किया। जब किसान नहीं माने तो पुलिस यहां से भी किसानों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन छोड़ आई। किसान नेता कल्याण सिंह ने बताया कि किसान संगठन सिर्फ पूर्व मुख्यमंत्री से किसानों से जुड़ी मांगों के 18 सवालों को पूछना चाह रहे थे। इनमें एमएसपी की मांग से लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के किसानों के मुआवजे जैसे सवाल शामिल थे। मगर पुलिस ने रैली में जाने से पहले ही हिरासत में लेकर तानाशाही रवैया अपनाया है। मनोहर लाल की रैली समाप्त होने के बाद शाम साढ़े 6 बजे के बाद छोड़ दिया।