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बारिश में जर्जर इमारतों से लोगों की जान पर खतरा

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गाड़ी पर गिरा छत का मलबा हटाते लोग। - फोटो : Fatehabad
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जिले में वीरवार को लगातार दूसरे दिन खूब बारिश हुई। सुबह करीब 8 बजे बारिश शुरू हुई और लगभग एक बजे तक होती रही। हालांकि बारिश ज्यादा तेज नहीं थी, लेकिन बिना थमे होती रही। फिलहाल यह बारिश आफत साबित हो रही है। वीरवार को भूना मोड़ के पास एक जर्जर मकान की छत गिर गई। छत के नीचे एक गाड़ी खड़ी थी, जो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गाड़ी मालिक प्रवीन के मुताबिक गाड़ी की छत पूरी तरह टूट गई। गनीमत रही कि कोई जान का नुकसान नहीं हुआ, हालांकि इन जर्जर इमारतों से लोगों की जान पर भी खतरा बना हुआ है।
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फिलहाल बारिश कई तरह की समस्याओं का कारण बनी हुई है। जगह-जगह जलभराव हो रहा है। सीवरेज ओवरफ्लो हो जाते हैं। सबसे बड़ा खतरा शहर में पुरानी व जर्जर इमारतों पर मंडरा रहा है, जो बारिश की वजह से कभी भी गिर सकती हैं। इससे उनके आसपास रहने वालों के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है। शहर में तहसील चौक व जवाहर चौक एरिया में ऐसे कई पुराने भवन हैं, जो जर्जर हैं और कभी भी गिर सकते हैं। वीरवार को जिले में 58 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक जिले में 236 एमएम बारिश हो चुकी है। सामान्य बारिश 128 मानी गई है। इसलिए जिले में सामान्य से लगभग 78 मिलीमीटर बारिश ज्यादा हुई है। फिलहाल जिले के सभी हिस्सों में अच्छी बारिश हो चुकी है।
गर्मी से मिली राहत, तापमान 29 डिग्री
दो दिन से लगातार हो रही बारिश के चलते गर्मी से राहत बरकरार है। वीरवार को अधिकतम तापमान 29 डिग्री व न्यूनतम 26 डिग्री दर्ज किया गया। फसलों को इस बारिश से कहीं पर नुकसान है तो कहीं फायदा है। धान बोने वाले किसान बारिश से खुश हैं, क्योंकि पानी का संकट दूर हो गया है। जहां पर जमीन सख्त है, वहां पर नरमे व कपास की फसल खराब हो रही है। रेतीले इलाके में नरमे व कपास की फसलों को कोई नुकसान नहीं है।
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बाजारों में दुकानदारों का काम प्रभावित
बारिश के कारण दूसरे दिन भी बाजारों में ग्राहक ही नहीं आए। दुकानदारों का काम बिल्कुल ठप रहा। गांवों के लोग खरीदारी के लिए सुबह ही आते हैं। सुबह से दोपहर तक बारिश होती रही, इसके चलते बाजार में खरीदारों की भीड़ बिल्कुल दिखाई नहीं दी। इसके अलावा कामकाजी लोगों को भी घर से निकलने में काफी परेशानी हुई। बसों में भी नाममात्र भीड़ दिखाई दी। यानी इस मौसम की वजह से आमजन जीवन बुरी तरह प्रभावित है।
कोट
जर्जर इमारतों को गिरवाने की जिम्मेदारी भवन मालिकों की भी बनती है। फिर भी समय-समय पर नगर परिषद प्रशासन द्वारा नोटिस भी भिजवाए जाते हैं।
अरविंद बाल्यान, ईओ, नगर परिषद फतेहाबाद।

तहसील चौक में खड़ी पुरानी व जर्जर इमारत- फोटो : Fatehabad

पुराने मकानों की खोखली हो चुकी दीवारें।- फोटो : Fatehabad

पुरानी इमारत की जर्जर दीवार।- फोटो : Fatehabad

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