फतेहाबाद के रतिया के गांव बादलगढ़ के ग्रामीणों ने नशे के खिलाफ मोर्चा खोला है। ग्रामीणों ने फैसला लिया है कि अगर गांव का कोई भी व्यक्ति नशे का कारोबार करता हुआ पकड़ा जाता है तो कोई भी उसकी जमानत नहीं करवाएगा।
हरियाणा के फतेहाबाद के रतिया में एक गांव के लोगों ने नशे के खिलाफ सराहनीय फैसला लिया है। नशे के खिलाफ लोगों की पहल की सराहना भी हो रही है। गांव बादलगढ़ में बुधवार को ग्रामीणों की एक बैठक की। गांव के सरपंच सतगुरु सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ग्रामीणों ने नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ स्वंय आगे आने का फैसला लिया है।
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बैठक में हेरोइन व मेडिकल नशे के खिलाफ संकल्प और निर्णय किया कि गांव में कोई भी व्यक्ति नशा बेचता हुआ पाया गया तो ग्रामीणों द्वारा उसे पुलिस के हवाले किया जाएगा। साथ ही गांव का कोई भी व्यक्ति और पंचायत नशा तस्कर की जमानत नहीं करवाएगा। जो व्यक्ति नशा तस्कर की जमानत करवाएगा उसका गांव वासियों द्वारा सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
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बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि गांव के युवाओं को चिट्टे व मेडिकल नशे से बचाने के लिए पूरा गांव को एक साथ आगे आना होगा। उन्होंने बताया कि गांव में हर रोज कोई न कोई युवा नशे की भेंट चढ़ रहा है और मौत को गले लगा रहा है। नशे के खिलाफ पूरे गांव ने संकल्प लिया कि अगर गांव में कोई व्यक्ति नशा बेचता पाया गया तो उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया जाएगा और कोई भी गांव का व्यक्ति उस की जमानत नहीं देगा।
इस मौके पर गांव की पंचायत के सभी पंच व पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के जिला उप प्रधान गग्गी चहल, इकाई सचिव यादविंदर चहल, इकाई उप प्रधान प्रगट जटाना, लाड़ी चहल, गुरचरण सिंह, काका राम, सुरजीत सिंह, जरनैल सिंह, भोला राम, नछतर चहल, सुमित राणा, अंग्रेज सिंह, गुरप्रीत सिंह, अशोक कुमार, सुखविंदर सिंह, तरसेम सिंह और गांव के अन्य साथी मौजूद रहे।