कुलां में दुकान के बाहर बैठे बंदर।
कुलां। कुलां में बंदरों का झुंड दिनभर गलियों, सड़कों, दुकानों व छतों पर डेरा डाले रहता है और उत्पात मचाते रहते हैं। बंदरों का यह झुंड पुलिस चौकी व मुख्य चौराहे पर बैठा रहता है, जिससे लोगों में हमेशा भय बना रहता है। खासतौर पर स्थानीय दुकानदार इससे भयभीत रहते हैं और उनको दुकान से सामान उठने का भय बना रहता है।
स्थानीय दुकानदारों का तो दुकानों से बाहर निकलना मुश्किल हो चुका है। ग्रामीणों को दिन प्रतिदिन बढ़ रही बड़ी समस्या के बावजूद प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। लोगों का कहना है कि उत्पाती बंदर घूमते हुए उनके घरों तक पहुंच रहे हैं और छत पर सूखते कपड़े फाड़ने व खाने-पीने का सामान आदि हाथों से झपटकर ले जाते हैं। इतना ही नहीं बंदर दांत मारकर व्यक्ति को घायल तक कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को भय के माहौल से गुजरना पड़ रहा है।
दुकानदार नरेश सिंगला, कुलदीप, सुरेंद्र, काला, विजय व कमल सरदाना आदि ने बताया कि दिनभर बंदर दुकानों के बाहर व छतों पर डेरा डाले रखते हैं। चौक से गुजरने वाले राहगीरों पर बंदर अचानक धावा बोल देते हैं, जिससे लोगों को अपनी जान का खतरा बना रहता है। इसके अलावा बंदरों का आतंक गांव की गलियों तक पहुंचने से घरों के बाहर बच्चों का खेलना बंद हो चुका है। छोटे बच्चों का सारा दिन ध्यान रखना पड़ता है, कहीं बच्चा बाहर न चला जाए।
बताया गया है कि करीब सालभर पूर्व शुरुआत में यहां पर दो बंदर आएं थे, जबकि वर्तमान समय में इनकी संख्या आठ हो गई है। दिन-प्रतिदिन बढ़ रहे बंदर घरों की छतों पर मौजूद सामान व पानी की टंकियों आदि को तोड़ फोड़ कर लोगों का आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बंदरों को पकड़ने की मांग की है, ताकि लोगों में भय के माहौल के साथ साथ उन्हें होने वाले नुकसान से राहत मिल सके।