फतेहाबाद। इन दिनों मंडियों में धान की आवक में तेजी होने के चलते जिले की अनाज मंडियां धान की फसल से पूरी तरह अट चुकी हैं। वहीं धीमे उठान के चलते जिले के 2778 किसानों की राशि का भुगतान अटका है।
पुरानी अनाज मंडी के बाहर धान से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लग रही है। किसानों को धान से भरी ट्रॉली को खाली करने के लिए अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं धीमे उठान के कारण न किसानों को भुगतान हो रहा है, तो न ही मजदूरों को मजदूरी मिल पा रही है।
फतेहाबाद की अनाज मंडी में धान की तुलवाई करने वाले ठेकेदार काले राम, राजकुमार, भजनलाल, हरचंद, दीपक, पवन और विक्रम आदि ने बताया कि मंडी में 15 दिन पहले भरे गए धान के बैगों का उठान अभी तक नहीं हो सका है। ऐसे में किसानों की फसल की खरीद होने के दो सप्ताह के बाद भी राशि का भुगतान नहीं हुआ है। मंडी में धान की फसल की सफाई करने वाले मजदूरों का भी भुगतान अटका हुआ है।
सिर्फ 21 फीसदी हुआ उठान
जिले में धान की खरीद जोरो पर होने के चलते जिले में अब तक 2778 किसानों की फसलों की खरीद हो चुकी है। जिले की मंडियों में अभी तक कुल धान की आवक 35703 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। जिसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग ने 7640 मीट्रिक टन, हैफेड ने 11819 मीट्रिक टन और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 16244 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। वहीं जिले में अभी तक उठान 7584 मीट्रिक टन का हो सका है। इसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग ने 835 मीट्रिक टन, हैफेड ने 3319 मीट्रिक टन और वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 3430 मीट्रिक टन धान की फसल का उठान किया है। ऐसे में अभी तक 21 फीसदी धान की फसल का उठान हो सका है। उठान में देरी होने के कारण अभी तक किसानों को उनकी राशि का भुगतान नहीं हो सका है।
हर बार उठान में होती है परेशानी : जगदीश भादू
धीमे उठान को लेकर अनाज मंडी के प्रधान जगदीश भादू ने बताया कि वैसे तो गेहूं और धान के सीजन में हर बार उठान की परेशानी होती है। लेकिन इस बार खरीद में देरी होने के चलते उठान नहीं हो सका है। खरीद एजेंसियों को धान के उठान में तेजी लाने के लिए गाड़ियों की संख्या में बढ़ोतरी करनी चाहिए। वहीं अगर गाड़ियों और मजदूरों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो कुछ ही दिनों में किसानों अनाज मंडी में फसल रखने की जगह नहीं मिलेगी।
जिले में धान की खरीद का काम जोरों पर है। किसानों को खरीद को लेकर कोई परेशानी न हो, इसलिए मंडियों में उचित प्रबंध कर दिए गए हैं। उठान में तेजी लाने के लिए गाड़ियों की संख्या बढ़ाने की कोशिश जारी है।
- विनीत जैन, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, फतेहाबाद।