फतेहाबाद। जिला मुख्यालय के नए बस स्टैंड से शहर के पुराने बस स्टैंड तक कनेक्टिविटी पूरी तरह से प्रभावित है। रोडवेज की ओर से शुरू की गई लोकल बस सेवा कुछ समय तक यात्रियों के लिए रही, लेकिन अब यह बंद हो गई है।
शहरवासियों का कहना है कि नए बस स्टैंड से शहर पहुंचने के लिए उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे उनको चार गुना अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। लोगों के अनुसार डिपो ने पहले नए बस और पुराने शहर बस स्टैंड के बीच लोकल बस सुविधा शुरू की थी। इसका उद्देश्य यात्रियों को सस्ती यात्रा उपलब्ध कराना था।
शुरुआती दिनों में यह सेवा सुचारू रूप से चली, लेकिन बाद में अचानक से यह बंद कर दी गई। स्थानीय लोगों की मांग है कि इस सेवा को पुनः शुरू किया जाए ताकि उन पर पड़ रहा आर्थिक भार कम हो सके और उनकी यात्रा भी सुगम हो सके।
ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की मनमानी
लोकल बस सेवा बंद होने के कारण शहर के ऑटो और ई-रिक्शा चालकों की चांदी हो गई है। यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए वे मनमाना किराया वसूल रहे हैं। जहां रोडवेज बस का किराया मात्र 5 से 10 रुपये था, वहीं अब ऑटो चालक इसी दूरी के लिए 20 से 30 रुपये तक की मांग करते हैं। नया बस स्टैंड शहर से करीब पांच किलोमीटर दूर है।
लोकल बस सेवा चलाने की मांग
शहरवासी देवेंद्र सिंह, बोबी, सेवा सिंह, सतीश कुमार, सुनील कुमार, विनाेद कुमार आदि का कहना है कि जब करोड़ों रुपये की लागत से नया बस स्टैंड बनाया गया है, तो वहां तक पहुंचने के लिए बुनियादी परिवहन सुविधा देना भी सरकार की जिम्मेदारी है। शहर के सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि रोडवेज बेड़े में शामिल छोटी बसें इस लोकल रूट पर लगाई जाए जो हर 15 मिनट के अंतराल पर दोनों स्टैंडों के बीच चक्कर लगाएं।
ग्रामीण रूट पर जाने वाली सभी बसें पुराना बस स्टैंड से होकर ही जाती हैं। इसके साथ ही निजी बसें भी नए बस स्टैंड से पुराना बस स्टैंड तक जाती हैं, इसमें लोग सवार होकर जा सकते हैं।
- सुरेंद्र सिंह, यातायात प्रबंधक रोडवेज फतेहाबाद।