फतेहाबाद। धान की कटाई का सीजन इस साल गत वर्ष की तुलना में आगे चल रहा है। कैलेंडर के हिसाब से इस बार कटाई का काम पहले खत्म होने की संभावना है। इस बार अक्तूबर के अंत तक कटाई का अधिकतर काम पूरा हो सकता है।
वर्ष 2020 में 17 अक्तूबर तक जितना धान मंडियों में आया था, उसका दो गुना से ज्यादा धान अभी तक आ चुका है। इसमें 1509 वैरायटी ज्यादा आ रही है। हालांकि परमल भी गत वर्ष की तुलना में लगभग दो गुना अभी तक आ चुका है। राहत की बात ये है कि खरीद एजेंसियां भी इस बार काफी चुस्त नजर आ रही हैं। 17 अक्तूबर तक परमल धान की जिले की मंडियों में 17 लाख 39 हजार क्विंटल की आवक हुई है। इसमें से 14 लाख क्विंटल से ज्यादा धान खरीदा जा चुका है। इसी तरह 1509 वैरायटी का धान 2 लाख 9 हजार क्विंटल से ज्यादा आया है। इसमें से 2 लाख 7 हजार क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है। हालांकि उठान कार्य में तेजी लाने की जरूरत है। उठान कार्य लगभग 30 प्रतिशत के आसपास है। इसके चलते मंडियों में भीड़ व जाम की स्थिति रहती है।
मौसम परिवर्तन के बीच मिली राहत
फसलों पर मंडरा रहा बारिश का खतरा भी एक बार टल गया है। मौसम विभाग ने पूर्व अनुमान लगाया था कि 17 से 19 अक्तूबर के बीच हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। रविवार को दिन भर बादल छाए रहे। हालांकि जगह-जगह हल्की बूंदाबांदी भी हुई। लेकिन फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा। राहत की बात ये है कि सोमवार को मौसम साफ हो गया। दोपहर तक बादल छाए रहे, लेकिन दोपहर बाद धूप निकल आई। मंगलवार को बादल छाए रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम साफ रहेगा।
किस मंडी में कितनी आवक
किस्म 1509 परमल
फतेहाबाद 21235 107179
भट्टूकलां 0 2886
भूना 4329 150630
रतिया 16689 327570
टोहाना 158262 631179
जाखल 8727 247186
धारसूल 0 272480
कुल आवक 209292 1739110
कुल खरीद 207979 1410427
-------------
गत वर्ष 17 अक्तूबर तक आवक
1509 वैरायटी 479577
परमल 1021638
नोट: उपरोक्त आंकड़े क्विंटल में हैं।
अवशेष जलाने का सिलसिला शुरू
धान कटाई के साथ ही खेतों में अवशेष जलाने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। हालांकि लोग दिन में अवशेष कम जलाते हैं। रात के समय खेतों में जगह-जगह आग लगी नजर आती है। अगले दिन सुबह की जमीन की बुआई कर दी जाती है। इस कारण हवा में धुआं घुलना शुरू हो चुका है।
उठान कार्य में तेजी आई है
एजेंसियों ने धान खरीद के बाद उठान कार्य भी तेज कर दिया है। रविवार को दिन भर उठान हुआ, जिसके चलते सोमवार को मंडी खाली सी नजर आई। कहीं जाम या भीड़-भाड़ नजर नहीं आती। अब नमी की मात्रा भी कम हो चुकी है, जिसके चलते खरीद कार्य में दिक्कत नहीं कम है।
-संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी