फतेहाबाद। स्कूल बसों को लेकर सरकार की सख्ती के बाद संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है। सोमवार को हुडा सेक्टर तीन में आरटीए के पास पासिंग करवाने के लिए निजी स्कूल बसों की लाइन लग गई। निजी स्कूल संचालक अनफिट बसों को पास करवाने के लिए पहुंचे। पासिंग के लिए आई कई बसों के अगले शीशे तक टूटे मिले। इंडिकेटर काम करते हुए नहीं मिले। चेकिंग के दौरान आपातकाल खिड़की तक नहीं खुली, यहां तक बसों के फर्श तक कंडम मिले। सख्ती के चलते आरटीए अधिकारियों ने 52 में से 44 बसों को रिजेक्ट कर दिया और आठ ही बसे पास हो पाईं। यहां तक कई निजी स्कूलों की सभी बसें अनफिट मिली।
आरटीए कार्यालय के अधिकारियों ने अनफिट बसों को एक सप्ताह में सुधारने के निर्देश दिए। अगले सप्ताह बसों को पासिंग के लिए बुलाया गया है। अहम बात यह रही कि पहले पासिंग के लिए सप्ताह में तीन से चार बसें ही आ रही थी लेकिन सोमवार को 52 बसें एक साथ पहुंच गईं। यहां तक कि कई निजी स्कूल संचालक सख्ती के चलते बिना पासिंग करवाए ही बसों को वापस लेकर चले गए।
कंडम मिले फर्श तो किसी में नहीं खुली आपातकालीन खिड़की
हुडा सेक्टर तीन में खाली जगह पर आरटीए कार्यालय के एमवीए जितेंद्र कुमार ने सुबह साढ़े 11 बजें पासिंग के लिए बसों की जांच शुरू की। फतेहाबाद के बाल वाटिका स्कूल की पासिंग के लिए आईं चार बसें नियम पूरे न करने पर फाइल को रद्द कर दिया गया। स्कूल की एक बस का फर्श कंडम मिला। इसके अलावा कई बसों के अगले शीशे टूटे मिले और वाइपर तक नहीं चले। बस की आपातकालीन खिडक़ी नहीं खुली। सीसीटीवी कैमरें चलते हुए नहीं मिले। बसों पर हेल्पलाइन नंबर लिखे नहीं मिले। ग्रीन वैली स्कूल टोहाना की बस में छोटी-छोटी कई कमियां मिलीं और दूर करके लाने के निर्देश दिए गए।
वहीं होली विजडम स्कूल लाहली की बस में स्पीड गवर्नर नहीं मिले। बस में अतिरिक्त सीटें मिली। इसके चलते पासिंग नहीं की गई। मिलेनियम वर्ड स्कूल टोहाना की तीन बसों की फाइलों को भी रद्द कर दिया गया। एक बस में आपातकालीन खिडक़ी नहीं खुली, यहां तक हैमर भी नहीं लगे थे। इसके अलावा दूसरी बसों में वाइपर और शीशे तक टूटे मिले। हेल्पलाइन नंबर तक नहीं मिले। इंडिकेटर काम करते हुए नहीं मिले। रॉयल इंटरनेशनल स्कूल खाराखेड़ी की भी दो बसों की फाइलों को पास नहीं किया गया। स्कूल बस की अंदर से हालत ठीक नहीं मिली। जीपीएस नहीं मिला। बैटरी तक बाहर रखी मिली। बस पर हेल्पलाइन नंबर तक नहीं मिले।
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ये है जिले में निजी स्कूल बसों की स्थिति
जिले में निजी स्कूल - 240
पंजीकृत बसें - 1200
सोमवार को काटे गए चालान - 71
जब्त की गई बसें - 22
वर्ष 2023-24 में जांची गई बसें - 385
काटे गए चालान - 115
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हुडा सेक्टर में पासिंग के लिए करीब 52 बसें आई थी इसमें से 8 बसें पास हुई हैं। जो बसें पास नहीं हुई है उनके संचालकों को कहा गया है कि जो कमियां हैं उन्हें दूर कर लें, अगले सप्ताह दोबारा जांच की जाएगी। जो बसें नियम पूरे करेंगी उन्हें ही पास किया जाएगा।
- जितेंद्र कुमार, एमवीए, आरटीए कार्यालय
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निजी स्कूलों के वाहनों की शत-प्रतिशत होगी चेकिंग : डीसी
स्कूली बसों को चेक करने के लिए आरटीए विभाग द्वारा चार टीमों का गठन किया गया है। गठित टीमों द्वारा सडक़ सुरक्षा एवं सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी, मोटर व्हीकल एक्ट और अन्य संबंधित नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। जिले में संचालित सभी निजी स्कूलों के वाहनों की चेकिंग शत-प्रतिशत होगी। कनीना जिला महेंद्रगढ़ जैसी घटना से हम सभी को सीख लेने की जरूरत है।
- राहुल नरवाल, उपायुक्त