फतेहाबाद में प्ले स्कूल में पढ़ते हुए विद्यार्थी
फतेहाबाद। शहर में चल रहे निजी प्ले स्कूलों को महिला एवं बाल विकास विभाग सख्त हो गया है। अब निजी प्ले स्कूलों को रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी होगा। अगर नहीं करवाते हैं तो विभाग कार्रवाई करेगा। यही नहीं प्ले स्कूलों में 20 बच्चों पर एक शिक्षक रखना होगा और निगरानी के लिए सीसीटीवी होने जरूरी हैं।
प्ले स्कूलों में 3 से 4 घंटे से ज्यादा संचालन नहीं किया जा सकता है। प्ले स्कूलों में एक कक्षा में 20 बच्चों पर एक टीचर और एक केयर टेकर, बच्चों के लिए एक रेस्ट रूम व दिव्यांग बच्चों के लिए शौचालय और लड़के व लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाना और खेलकूद गतिविधियों के लिए प्ले ग्राउंड व पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे होना अनिवार्य है। सभी टीचरों व स्टाफ की पूरी जानकारी व पुलिस वेरिफिकेशन जरूर होनी चाहिए। फिलहाल हालात यह है कि जिले में काफी प्ले स्कूल बिना पंजीकरण के चल रहे हैं और न ही पूरे नियमों का पालन किया जा रहा है। विभाग की तरफ से जारी निर्देशों में कहा गया है कि अगर कोई प्ले स्कूल बिना पंजीकरण के चल रहा है तो उसे बंद करवाया जाएगा।
30 निजी प्ले स्कूलों ने ही करवाया है पंजीकरण
जिले में फिलहाल 30 निजी प्ले स्कूलों ने ही पंजीकरण करवा रखा है। जबकि शहर की अधिकतर कॉलोनियों में घरों के अंदर प्ले स्कूल चल रहे हैं। इसके अलावा विभाग की तरफ से भी 234 आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल चल रहे हैं और अब 173 में शुरू करने की तैयारी है।
प्ले स्कूल के नियम व शर्तें :
जिला बाल संरक्षण अधिकारी शिव कुमार ने बताया कि प्ले स्कूलों को हर वर्ष मान्यता रिन्यू करवाना अनिवार्य है। प्ले स्कूल अगर नियमों पर खरा नहीं उतरते हैं तो उन्हें तुरंत प्रभाव से बंद किया जा सकता है। प्ले स्कूलों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों का ही दाखिला किया जा सकता है। अभिभावक अध्यापक एसोसिएशन का गठन भी अनिवार्य है जो प्ले स्कूल के मुद्दों पर स्कूल का निरीक्षण करेगी।
अभिभावक दाखिला करवाने से पहले जांचे मान्यता :
महिला एवं बाल विकास विभाग हरियाणा और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग नई दिल्ली की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार जिले में चल रहे निजी प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला करवाने से पहले प्ले स्कूल की मान्यता की जांच अवश्य कर लें। प्ले स्कूलों का पंजीकरण करवाने के लिए जारी दिशा निर्देशों का अवलोकन एनसीपीसीआर की वेबसाइट पर किया जा सकता है।
- सुरजीता कुमारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग