शहर के लालबत्ती चौक पर दमकल विभाग कार्यालय के ऊपर नेशनल मनी चेंजर कार्यालय में हुई लूट की वारदात को पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी गांव नकटा निवासी कमलदीप उर्फ दीपू को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा वारदात में शामिल दो अन्य आरोपियों की पहचान भी हो गई है।
वारदात में गांव बनावाली निवासी सुरेंद्र उर्फ छिंदा तथा गांव मुस्साअहली निवासी सुरेंद्र उर्फ कर्ण भी शामिल थे। दोनों अभी फिलहाल फरार है और पुलिस इनकी तलाश कर रही है। तीनों आपस में दोस्त हैं और 2014 से ये लोग मनी चेंजर कार्यालय में आ रहे थे। मुंह पर कपड़ा बांधे होने के कारण संचालक पहचान नहीं पाया था। मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी कमलदीप उर्फ दीपू के खिलाफ सात मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी कमलदीप उर्फ दीपू को कोर्ट में पेश करके तीन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से पूछताछ करेगी। इसके अलावा नकदी, हथियार और डीवीआर भी बरामद करनी है। वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहन का भी पता लगाना है।
आरोपियों के बहन और भाई रहते हैं विदेश
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी कमलदीप उर्फ दीपू की बहन आस्ट्रेलिया तथा सुरेंद्र उर्फ छिंदा का भाई जर्मनी में रहता है। दोनों 2014 से मनी एक्सचेंज कार्यालय में आ रहे थे। आरोपियों को शाम के समय मनी एक्सचेंज कार्यालय में नकदी होने का पता था। इसके चलते तीनों ने मिलकर लूट की प्लानिंग बनाई। तीनों मुंह पर कपड़ा बांधकर आए थे और गल्ले से करीब डेढ़ लाख की विदेशी और भारतीय करेंसी लूट कर ले गए। किसी को पता न चले इसलिए सीसीटीवी की डीवीआर भी साथ ले गए थे।
संचालक ने ही पहचाने आरोपी तो सुलझा मामला
पुलिस के मुताबिक जब वारदात हुई तो तीनों मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। इसलिए नेशनल मनी चेंजर कार्यालय का संचालक मुकेश पहचान नहीं पाया। पुलिस ने आरोपियों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू की। सीसीटीवी में आरोपी भागते हुए नजर आए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज संचालक मुकेश को दिखाई। मुकेश ने आरोपी पहचान लिए और पुलिस को बताया कि ये लोग उसके पास मनी एक्सचेंज करवाने के लिए लंबे समय से आ रहे हैं। पुलिस ने निशानदेही पर आरोपी कमलदीप उर्फ दीपू को गांव बहबलपुर के पास से पकड़ लिया।
आरोपी कमलदीप के खिलाफ पंजाब में भी मामले दर्ज
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए आरोपी कमलदीप उर्फ दीपू के खिलाफ पंजाब में भी मामले दर्ज हैं। आरोपी के खिलाफ रतिया में तीन मामले दर्ज हैं। इसमें नशा तस्करी, धोखाधड़ी, और लड़ाई-झगड़े का शामिल हैं। बुडलाढ़ा में ब्लैकमेलिंग, सरदूलगढ़ में डकैती, सदर फतेहाबाद में हत्या प्रयास और लूट का मामला दर्ज है।
ये है मामला
शहर के लालबत्ती चौक के पास दमकल विभाग के कार्यालय के ऊपर नेशनल मनी चेंजर कार्यालय में एक सितंबर को शाम के समय लूट की वारदात हुई थी। पुलिस को दी शिकायत में संचालक मुकेश ने बताया था कि तीन युवक कार्यालय में आए और उसे पिस्तौल और चाकू दिखाकर केबिन में ले गए। यहां पर युवकों ने उसे बंधक बनाया और गल्ले से करीब ढाई लाख रुपये भारतीय और विदेशी करेंसी ले गए। हालांकि अब शहर थाना प्रभारी सुरेंद्रा का कहना है कि मुकेश ने दोबारा बताया कि लूटी गई राशि एक से डेढ़ लाख रुपये थी।
तीन दिन के रिमांड पर लिया गया आरोपी
मनी एक्सचेंज कार्यालय में लूट की वारदात हुई थी। इस मामले को सुलझा लिया गया है। वारदात को तीन युवकों ने अंजाम दिया था। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो आरोपियों की पहचान हो गई है, जिन्हें जल्द पकड़ लिया जाएगा। गिरफ्तार किए गए आरोपी को कोर्ट में पेश करके तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
- सुरेंद्रा, शहर थाना प्रभारी।