फतेहाबाद के मॉडल टाउन में पार्क संवाद
फतेहाबाद। नगर परिषद ने शहर के कई पार्कों को देखरेख और रखरखाव के लिए पिछले माह विभिन्न संस्थाओं को गोद दिया था। अब इन पार्कों के बिल नगर परिषद में आने शुरू हो गए हैं लेकिन तकनीकी शाखा के अधिकारी बिलों पर सहमति नहीं दे रहे हैं।
नगर परिषद के एमई नरेंद्र पंवार ने ढाई लाख रुपये के बिल को रोकते हुए कहा कि पहले भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी उसके बाद ही भुगतान किया जाएगा। बिल रोकने वाली संस्था के पास शहर के मॉडल टाउन के बड़े पार्क के साथ-साथ ग्रीन बेल्ट भी शामिल है। पार्कों को गोद देने को लेकर पहले ही नगर परिषद पर आरोप लग चुके हैं।
पार्षद मोहन लाल नारंग और प्रतिनिधि योगी हंसराज ने भी यह आरोप लगाया था कि उनको संज्ञान में लाए बिना पार्क गोद दिए गए हैं। इसके अलावा यह भी कहा गया कि पार्कों को गोद देने के लिए आवेदन ही नहीं मांगे गए। एमई का कहना है कि सभी प्रक्रियाओं और नियमों के पालन के बाद ही भुगतान किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके। भौतिक सत्यापन के बाद ही बिनों को आगे भेजा जाएगा।
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पहले काम कर चुकी संस्थाओं पांच माह से भुगतान नहीं
नगर परिषद ने पहले जिन संस्थाओं को पार्क गोद दिए थे, उन्हें अभी तक भुगतान नहीं हुआ है। क्षेत्रीय राजपूत सभा के प्रधान जितेंद्र कुमार ने बताया कि उनके पास 6 पार्क थे। चार पार्क के ठेके नवंबर माह में खत्म हो गए थे लेकिन सितंबर माह से भुगतान नहीं हुआ। इसके अलावा दो पार्कों का ठेका खत्म हो चुका है पिछले माह खत्म हो चुका है लेकिन इनका भुगतान भी नहीं हुआ है।
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पार्क का बिल आया है। संबंधित संस्था के पास पार्क और ग्रीन बेल्ट है। बिल के भुगतान से पहले भौतिक सत्यापन होगा। इसके बाद भुगतान कर दिया जाएगा।
-नरेंद्र पंवार, एमई, नगर परिषद