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Fatehabad News: अधिकारियों को एसी के ठाठ मरीजों को पंखा भी नसीब नहीं

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फतेहाबाद के नागरिक अस्पातल में इंमरजेंसी वार्ड में बंद पड़े बिजली के पंखे।
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फतेहाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में गर्मी से मरीज बेहाल हैं। चिकित्सकों व अधिकारियों के कार्यालयों में तो एसी के ठाठ हैं, मगर मरीजों व तीमारदारों को पंखे की हवा तक नसीब नहीं है। दवा वितरण खिड़की पर तो और बुरा हाल है। भीड़ अधिक होने के कारण मंगलवार को 46 डिग्री तापमान में दवा लेने के लिए आए मरीज और तीमारदारों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। पसीने से तरबतर ये लोग व्यवस्था को कोसते नजर आए।
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दरअसल, रविवार व सोमवार को दो दिन की छुट्टी के बाद नागरिक अस्पताल में ओपीडी शुरू हुई। इस कारण मंगलवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या ज्यादा रहा। सामान्य तौर पर 650 तक ओपीडी होती है मगर मंगलवार को 800 तक पहुंच गई। इस कारण पहले से बनाई गई व्यवस्थाएं भी नाकाफी साबित हुईं। लोगों को इलाज और दवा लेने के लिए अपेक्षाकृत अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। भीड़ और बीमारी की वजह से पैदा परेशानी में व्यवस्था की बदइंतजामी ने कोढ़ में खाज का काम किया। आग उगल रही गर्मी में जहां लोग घर में भी बिना कूलर व पंखे के नहीं रह पा रहे हैं, वहीं नागरिक अस्पताल में मरीजों को बिना पंखे के लाइन में लगना पड़ा। आपातकालीन विभाग में भर्ती मरीजों को भी पंखों की हवा तक नहीं नसीब हो सकी।
चर्म रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर रही सबसे अधिक भीड़
जिला मुख्यालय पर बने 50 बेड के नागरिक अस्पताल में गरीब तबके के लोग ही इलाज के लिए आते हैं। मंगलवार को सबसे अधिक भीड़ चर्म रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर रही। इसके अलावा एनसीडी क्लीनिक में भी भीड़ रही। इसके अलावा लैब में पहले सैंपल देने और फिर सैंपल की रिपोर्ट लेने के लिए भी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। सबसे अधिक दयनीय स्थिति दोपहर 12 बजे रही। बिजली चल रही थी, लेकिन नागरिक अस्पताल में उस समय पंखे बंद पड़े थे। अस्पताल में मेडिकल और ओपीडी की पर्ची के लिए लाइन में लगे लोगों को टीन शेड के नीचे गर्मी में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
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अस्पताल में लगे वाटर कूलरों में नहीं ठंडा पानी

नागरिक अस्पताल के प्रांगण में पांच वाटर कूलर लगे हुए हैं। इनमें से मात्र एक वाटर कूलर ही सही हालत में हैं, जिसमें ठंडा पानी आता है। बाकी चार वाटर कूलरों में से एक में तो पानी ठंडा करने के लिए बिजली का कनेक्शन तक ही नहीं है। वहीं, दो वाटर कूलरों की मोटरें खराब होने के कारण पानी ठंडा नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में लोगों को 46 डिग्री तापमान में भी प्लास्टिक की टंकी का गर्म पानी पीना पड़ रहा है। इन वाटर कूलरों को ठीक करवाने की भी अधिकारी जहमत नहीं उठा रहे हैं।
कोट
नागरिक अस्पताल में जो वाटर कूलर खराब हैं, उनको ठीक करवाया जाएगा। अस्पताल में लगे बिजली के सभी पंखे चालू हालत में हैं। मंगलवार को पंखे के स्विच ऑन नहीं होने से कुछ समय तक बंद रहे थे। गर्मी को देखते हुए अस्पताल में 10 पंखे और 11 कूलर नए खरीदे गए हैं।
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-डॉ. सुभाष, एसएमओ, नागरिक अस्पताल फतेहाबाद
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