फतेहाबाद/जाखल। घग्गर नदी में आई बाढ़ से पिछले साल जैसे हालात इस बार पैदा न हों इसके लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है। सिंचाई विभाग के उपमंडल स्तर के अफसर खुद क्षेत्र में उतरे हैं। 30 गांवों के मनरेगा मजदूरों को रंगोई नाले के सफाई कार्य में लगाया गया है। रंगोई नाले की सफाई का कार्य 95 फीसदी तक पूरा हो गया है।
गौरतलब है कि पिछले साल जुलाई महीने में शिवालिक की पहाड़ियों पर अधिक बारिश के बाद पंजाब में बांध टूटने से जाखल क्षेत्र में जलभराव हो गया था। बाद में जिले के 124 गांवों को बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया था। एक हजार से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा था। 40 दिनों बाद जलभराव खत्म हो पाया था। उधर, मौसम विभाग ने सक्रिय मानसून के चलते 28 जून से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में मानसून जिले में कभी भी दस्तक दे सकता है। इस बार अच्छी बारिश होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। इसलिए प्रशासन अलर्ट होकर काम कर रहा है। घग्गर नदी व रंगोई नाले में क्षमता से अधिक पानी आने पर जो तटबंध टूट गए थे, उन्हें पूरी तरह से मजबूत किया जा रहा है।
संवेदनशील स्थानों पर लगाए गए मिट्टी के ढेर
कमजोर तटबंधों की मरम्मत के अलावा संवेदनशील स्थानों पर मिट्टी के ढेर लगाए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए उपमंडल अनुसार 10,000 से ज्यादा मिट्टी के कट्टे भरकर रख लिए गए हैं। जेसीबी चालकों का डाटा भी लिया गया है। क्षेत्र से गुजरती घग्गर नदी के पुल पर सभी दरवाजों की सफाई करा दी गई हैं।
जाखल और टोहाना क्षेत्र में सिंचाई विभाग के एसडीओ संजीव सिंगला और जेई पवन नैन लगातार रंगोई नाले की सफाई का जायजा ले रहे हैं। घग्गर नदी की चांदपुरा साइफन के ऊपर तक क्षमता 15,000 क्यूसिक है, जबकि इससे नीचे क्षमता 13,000 क्यूसिक रह जाती है। इस नदी के सहायक रंगोई नाले की क्षमता 85,00 क्यूसिक है। फिलहाल नदी का जलस्तर बहुत नीचे है। मानसून की बारिश के बाद घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ेगा।
बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित
बाढ़ की आशंका को देखते हुए अफसरों ने तहसील मुख्यालय पर अभी से कंट्रोल रूम बना दिया है। सिंचाई विभाग के एसडीओ संजीव सिंगला ने बताया कि टोहाना कैनाल काॅलोनी में बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किया गया हैं। इस कंट्रोल रूम का नंबर 01692-230001 हैं, जिस पर 24 घंटे कर्मचारी तैनात रहेंगे। कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी द्वारा क्षेत्र से गुजरने वाली घग्गर नदी के पानी के स्तर और डिस्चार्ज की जानकारी नदी की विभिन्न साइट के संबंधित कनिष्ठ अभियंताओं से सुबह 9 बजे और शाम 4 बजे ली जाती है।
पिछली बार टूटे तटबंध किए मजबूत
जिले में पिछली बार बाढ़ के कारण साइफन चिम्मो, एमपी सोतर, अहरवां और घासवा से पीछे सारे ही क्षेत्र में रंगोई नाला टूट गया था। इस बार इन स्थानों पर नाले को मजबूत कर दिया गया है। यहां पर मिट्टी के कटे भरवा कर भी रखे गए हैं।
इन गांवों में रंगोई नाले की हुई सफाई
जिले में गांव घासवा, भरपूर, बुर्ज, एमपी सोतर, मुंशीवाली, भुंदड़वास, नंगल, ढाणी जाखनदादी, सुखमनपुर, सहनाल, अहरवां के अलावा शक्करपुरा, दीवाना, रत्ताथेह, धारसूल, म्योंद, चुहड़पुर, तलवाड़ा गांवों में रंगोई नाले की सफाई की जा रही है। यहां सिर्फ एक या दो दिन का काम बाकी बचा है।
कोट
जिले में घग्गर नदी और रंगोई नाले में सफाई करवा दी गई है। सफाई का काम 95 फीसदी तक पूरा हो गया है। शेष काम अगले एक-दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा। मनरेगा मजदूरों और पोकलेन मशीन के जरिये सफाई करवाई गई है। हमारी व्यवस्थाओं को बेहतर करने में कोई कसर नहीं है।
-ओमप्रकाश बिश्नोई, एसई, सिंचाई विभाग फतेहाबाद