डीएसपी विजय जाखड़, ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार कुलदीप के साथ गांव पहुंचे और शवों को कब्जे में लेने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण एकजुट हो गए और उन्होंने पोस्टमार्टम करवाने से साफ मना कर दिया।
जिसके बाद अधिकारी दोनों परिवारों के ब्यान दर्ज कर वापिस लौट आए। परिजनों ने भी ब्यान देकर कहा है कि उन्हें किसी पर कोई संदेह नहीं है और न ही कोई आरोप है। वह पोस्टमार्टम नहीं करवाना चाहते।
सोमवार सुबह काजलहेड़ी हैड पर रविन्द्र उर्फ मंगल व उसी के दोस्त कुलदीप का शव ढ़ाणी में फंदे से लटका मिला था। जिसके बाद परिजनों ने शवों को उतारकर उसी समय दफना दिया और इससे पहले पुलिस को सूचित नहीं किया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस की पीसीआर गांव में भी पहुंची लेकिन परिजनों ने किसी भी तरह से कार्रवाई करवाने से इंकार कर दिया। दो युवा दोस्तों द्वारा फांसी लगाकर सुसाइड करना पुलिस को संदेहजनक लगने लगा।
मामले की जांच के लिए टीम बनाई गई जिसमें ड्यूटी मजिस्ट्रेट कुलदीप नायब तहसीलदार, डीएसपी सिटी विजय जाखड़ व सदर पुलिस भी थी जो गांव में पहुंची और परिजनों से कहा कि वह शवों का पोस्टमार्टम करवाए लेकिन इस पर दोनों परिवारों के परिजन तैयार नहीं हुए। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया।
पुलिस के लिए सवाल है दोनों की मौत
पुलिस भी जानना चाहती है कि आखिर क्या कारण हो सकते हैं कि दोनों को सुसाइड करना पड़ा। दोनों पिछले एक सप्ताह से लापता थे और घर आने के बाद रात को दोनों ने इकट्ठे शराब पी और उसके बाद मौत को लगे लगा लिया।
परिजनों ने जो अधिकारियों को ब्यान दिए हैं उसके अनुसार दोनों को नशे का आदी बताया गया है।