फतेहाबाद। सामान्य बीमारियों की जांच और उपचार के लिए अब आपको अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी बल्कि अस्पताल खुद चलकर आपके क्षेत्र में आएगा। यहां पर लैब से लेकर डॉक्टर तक की सुविधा मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग ने सुविधाएं बढ़ाते हुए जिले को मोबाइल मेडिकल यूनिट दी है।
करीब 48 लाख की लागत से तैयार इस मोबाइल मेडिकल यूनिट में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट व लैब तकनीशियन होंगे। इसके अलावा अंदर ही ब्लड जांच के लिए लैब भी है। ये ही नहीं मोबाइल मेडिकल यूनिट में जनरेटर भी है ताकि बिजली की कमी को लेकर सुविधा प्रभावित न हो सके। बताया जा रहा है कि जिले को दो मोबाइल मेडिकल यूनिट अलॉट हुई है हालांकि अभी एक ही गाड़ी मिली है।
स्लम बस्ती और कैंप में जाएगी मोबाइल मेडिकल यूनिट
उप सिविल सर्जन डॉ. सुनीता सोखी का कहना है कि मोबाइल मेडिकल यूनिट एनएचएम का कार्यक्रम है। ये मोबाइल मेडिकल यूनिट स्लम बस्ती और कैंप में भेजी जाएगी। स्लम बस्ती के लोगों की स्क्रीनिंग नहीं हो पाती है, इस मोबाइल यूनिट से फायदा मिलेगा। डॉक्टर द्वारा जांच के बाद जो भी टेस्ट लिखे जाएंगे वह मोबाइल यूनिट में लगाई गई लैब में हो जाएंगे। इसके अलावा मरीज को मौके पर ही दवा मिल जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र और ढाणियों के लोगों को मिलेगा फायदा
नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट सोमवार को पहुंची है। इस वैन में स्टाफ कैसे रखा जाएगा और कहां-कहां कब मोबाइल मेडिकल यूनिट को भेजा जाएगा, इस संबंध में सिविल सर्जन कार्यालय ने मुख्यालय से गाइडलाइन मांगी है। इस मोबाइल मेडिकल यूनिट से स्लम बस्ती के अलावा ग्रामीण क्षेत्र और ढाणियों के लोगों को फायदा मिलेगा।
सात एंबुलेंस कब चलेंगी, नई गाइडलाइन का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग ने करीब दो माह पहले सात एंबुलेंस जिले को दी थी। ये एंबुलेंस स्पेशल गर्भवती के लिए आई है। लेकिन एंबुलेंस पर भर्ती किए जाने वाले चालकों की गाइडलाइन का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने पहले आउटसोर्सिंग के जरिए चालक रखने के आदेश दिए थे लेकिन सरकार ने इस पर रोक लगा दी। अब दोबारा गाइडलाइन मांगी गई है। फिलहाल ये एंबुलेंस सिविल सर्जन कार्यालय में ही खड़ी है।
कोट
मोबाइल मेडिकल यूनिट आई है, इसको लेकर अभी प्लान नहीं आया है। इस मोबाइल मेडिकल यूनिट का फायदा ये होगा कि ढाणियों, भट्ठों व ऐसे दूरदराज के क्षेत्र जहां पर सुविधा नहीं है वहां पर टीम पहुंच सकेगी।
- डॉ. वीरेश भूषण, सिविल सर्जन