फतेहाबाद। स्वास्थ्य विभाग बेहतर सुविधाएं देने का दावा तो करता है लेकिन अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी पर ध्यान नहीं है। अस्पतालों की हालत ऐसी है कि यहां इमरजेंसी में आने वाला हर तीसरा मरीज रेफर हो रहा है। इसका मुख्य कारण हड्डी रोग विशेषज्ञ न होना है। जिला नागरिक अस्पताल ही नहीं बल्कि जिला के किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। जबकि इमरजेंसी में 80 फीसदी केस हड्डी रोग विशेषज्ञ से संबंधित आते हैं।
नागरिक अस्पताल फतेहाबाद में जुलाई में आर्थो का तबादला सिरसा हुआ था, इसके बाद कोई भी डॉक्टर यहां पर नहीं आया है। ये ही हालात उप नागरिक अस्पताल रतिया और टोहाना के हैं। इसके अलावा किसी भी सीएचसी पर भी हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है।
रेफरल अस्पताल बने स्वास्थ्य केंद्र
इमरजेंसी में सबसे ज्यादा मामले दुर्घटना के आते हैं। जिनमें हड्डी रोग विशेषज्ञ की जरूरत होती है। लेकिन हालात यह है कि हड्डी रोग विशेषज्ञ है ही नहीं और मजबूरन इमरजेंसी में तैनात डाक्टर को प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को अग्रोहा मेडिकल रेफर करना पड़ रहा है। सीएचसी भट्टूकलां, भूना और नागरिक अस्पताल रतिया से इमरजेंसी केस को फतेहाबाद रेफर किया जाता है और फिर यहां से अग्रोहा मेडिकल रेफर किया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय के पास डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए लिखा गया है। प्रदेश सरकार की तरफ से डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
- डॉ. मनीष बंसल, सिविल सर्जन, फतेहाबाद