गांव खुनन में महापंचायत में मौजूद ग्रामीण। स्रोत: ग्रामीण
रतिया । गांव खुनन में कोई भी व्यक्ति नशा बेचते हुए पाया जाता है तो गांव का कोई भी व्यक्ति और सरपंच या पंच नशा बेचने वाले व्यक्ति की जमानत नहीं कराएगा। जो व्यक्ति जमानत कराएगा उसको भी गांव की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना राशि बाद में तय की जाएगी। नशे पर अंकुश लगाने के लिए गांव में ठीकरी पहरा भी दिया जाएगा। इसके लिए कमेटी का गठन भी किया जाएगा। यह फैसला रविवार को गांव के गुरुद्वारे में ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों की महापंचायत बुलाई गई।
महापंचायत में गांव के सरपंच प्रतिनिधि सोनी सिंह, बाबा जीवन सिंह, पूर्व सरपंच दिलबाग निहंग गोरा सिंह आदि शामिल हुए। इस दौरान नागपुर चौकी इंचार्ज गुरपाल सिंह ने भी आश्वासन दिया कि पुलिस भी ठीकरी पहरा में सहयोग देगी और नशा बेचने वालों के खिलाफ ग्रामीणों के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी।
महापंचायत में मौजूद ग्रामीणों ने गांव में लगातार युवा वर्ग के नशे की गिरफ्त में होने चिंता व्यक्त की। ग्रामीणों ने कहा कि नशे के खिलाफ ग्रामीणों को एकजुट होकर कड़े कदम उठाए जाने चाहिए।
24 वर्षीय युवक की हुई थी मौत
गांव खुनन में 28 अगस्त को नशे की ओवरडोज से 24 वर्षीय दिलशान की हुई मौत हो गई थी। इस मामले में शनिवार रात को गांव में हंगामा हुआ। ग्रामीणों का आरोप था कि कुछ लोग नशे का कारोबार करते हैं। उक्त लोगों ने ही दिलशान को भी नशे की पुड़िया बेची थी जिसे लेने के बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों और ग्रामीणों के आरोप लगाने के बाद कुछ ग्रामीण आपस में भिड़ गए थे। गांव में बढ़ते तनाव के चलते ग्रामीण और दिलशान के परिजन गांव के निहंग दल के गोरा सिंह के नेतृत्व में नागपुर चौकी में पहुंचे। उन्होंने नागपुर चौकी इंचार्ज गुरपाल सिंह को बताया कि पहले भी पुलिस को गांव में नशा बेचने वालों के बारे में जानकारी दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि नशा बेचने वाले ग्रामीणों को धमकियां दे रहे हैं।