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Fatehabad News: परिवार पहचान पत्र व आधार में नाम का नहीं मिलान, योजनाओं से वंचित

Sun, 17 May 2026 10:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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क्रीड विभाग कार्यालय में परिवार पहचान पत्र संबधी जानकारी लेने पहुंचे नागरिक। फाइल फोटो
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फतेहाबाद। नाम मिसमैच होने से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी बनी हुई हैं। जिले में सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिनका परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और आधार कार्ड में दर्ज नाम मैच नहीं हो रहे हैं। इस तकनीकी खामी के कारण मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना और दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं जिससे पात्र सरकारी लाभ से वंचित हैं।
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मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना का लाभ लेने के लिए शादी के बाद 6 महीने तक आवेदन करना अनिवार्य है लेकिन नाम मिसमैच होने के कारण पोर्टल आवेदन स्वीकार ही नहीं कर रहा है। क्रीड विभाग के पोर्टल पर वर्तमान में पीपीपी में सीधे नाम बदलने या स्पेलिंग ठीक करने का कोई विकल्प ही उपलब्ध नहीं है। इसके चलते पीड़ित परिवार एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हैं।



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समाधान शिविर भी साबित हो रहे बेअसर

नागरिकों की समस्याओं के तुरंत निवारण के लिए जिला स्तर पर सप्ताह में दो दिन समाधान शिविरों की शुरुआत की गई है। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट कर थक चुके लोग जब इन शिविरों में पहुंच रहे हैं तो वहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। स्थानीय स्तर पर क्रीड विभाग के कर्मचारियों और शिविर के अधिकारियों के पास पीपीपी में नाम सुधारने का एक्सेस न होने के कारण वे भी इस समस्या का समाधान करने में पूरी तरह असमर्थ हैं।
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पीपीपी में नाम बदलने का विकल्प जोड़ा जाए

नागरिक बुधराम, रामभतेरी और संतरो देवी ने बताया कि शादी के बाद लड़कियों के उपनाम या नाम की स्पेलिंग में बदलाव होना बेहद आम है। ऐसे में दोनों दस्तावेजों में अंतर आ जाता है। क्रीड विभाग से अपील है कि पीपीपी पोर्टल पर नाम सुधारने का विकल्प दिया जाए या शादी के प्रमाणपत्र के आधार पर सत्यापन को मंजूरी दी जाए ताकि समय सीमा बीतने से पहले बेटियां अपने हक की शगुन राशि और लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ पा सकें।



मेरे पिता का नाम परिवार पहचान पत्र में लीलूराम और आधार कार्ड में रामप्रताप है। मैं अपनी बेटी के लिए रिहायशी प्रमाणपत्र और अन्य कागजात बनवा रहा हूं। नाम मिसमैच होने के आवेदन स्वीकार नहीं हो पा रहा है। क्रीड विभाग में बताया गया है कि नाम बदलने का विकल्प पीपीपी में जोड़ा जाना चाहिए।

- ओमप्रकाश।

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आधार कार्ड में मेरा नाम बंसी और पीपीपी में बंशी दर्ज है। मेरी शादी दो महीने पहले हुई है। मेरी पत्नी को मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए आवेदन करना है। नाम मिसमैच होने के कारण आवेदन सफल नहीं हो पा रहा है।

- बंसी।



:: परिवार पहचान पत्र में नाम बदलने का विकल्प फिलहाल नहीं है। नागरिकों से अपील है कि वे सभी कागजातों में नाम ध्यानपूर्वक दर्ज करवाएं ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।
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- संदीप कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी, क्रीड विभाग, फतेहाबाद।
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