फतेहाबाद। पिछले सप्ताह पड़े पाले की वजह से सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग ने अपने सर्वे में पाया है कि जिले की 7150 हेक्टेयर भूमि पर पाले की वजह से सरसों को 26 से 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है। वहीं शेष बचे रकबे में भी जीरो से 25 फीसदी तक नुकसान की आशंका है। विभाग के अनुसार, अब मौसम खुला है तो नुकसान अधिक नहीं होगा।
फतेहाबाद में मकर संक्रांति के बाद से लगातार एक सप्ताह तक तापमान गिरने के कारण खेतों में पाला पड़ने लगा था और सरसों पर ओेस की बूंदें जमने लगी थी। जिससे सरसों की फसल को नुकसान हो रहा था। पाला पड़ने से सबसे अधिक नुकसान सरसों व सब्जियों की फसलों को ही होता है। सरसों की फसल में हुआ नुकसान हुआ है, जहां किसानों ने अपने खेत में सिंचाई नहीं की हुई थी। जहां सरसों की फसल में सिंचाई हुई थी, वहां पर नुकसान कम रहा। पाला पड़ने के बाद कृषि विभाग ने जिले में इसका सर्वे करवाया था कि सरसों को कितना नुकसान हुआ है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
जिले में 25120 हेक्टेयर पर हुई सरसों की बिजाई
सरकार द्वारा सरसों की फसल का एमएसपी बढ़ाए जाने के चलते इस बार जिले में सरसों का रकबा बढ़ा है। जिले में इस बार किसानों ने 25120 हेक्टेयर पर सरसों की बिजाई की है। अमूमन फतेहाबाद जिले में भट्टूकलां क्षेत्र, बड़ोपल, कुम्हारिया, भोडा होसनाक, चिंदड़, बीघड़ आदि गांवों में सरसों की बिजाई होती है, क्योंकि यहां की जमीन रेतीली है।
7150 हेक्टेयर में अधिक नुकसान
कृषि विभाग के अनुसार, पाले से जिले में सरसों की 7150 हेक्टेयर सरसों की फसल में 25 से 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है। वहीं अन्य स्थानों पर इतना नुकसान नहीं, लेकिन कहीं-कहीं 25 फीसदी तक नुकसान देखा गया है। सरसों की फसल के लिए धूप जरूरी है और अब धूप निकलने लगी है, इसलिए अधिक नुकसान नहीं होगा।
कोट
पिछले दिनों पाला पड़ने से सरसों की फसल के नुकसान का आकलन किया गया था। हालांकि नुकसान अधिक नहीं है और 7150 हेक्टेयर में 25 से 50 फीसदी तक का नुकसान है, जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है।
-डॉ. राजेश सिहाग, डीडीए फतेहाबाद।