फतेहाबाद। नशा मुक्ति केंद्र में उपचार के लिए आने वाले मरीजों के लिए भी दवाइयों की कमी हो गई है। यहां तक कई दवाइयां खत्म भी हो गई हैं। अस्पताल में नशा छोड़ने व नींद न आने पर उपचार के लिए दी जाने वाली दवाइयां खत्म हो गई हैं। इसके अलावा दौरे आने पर उपचार के लिए दी जाने वाली दवाइयां भी खत्म हो गई हैं। मनोचिकित्सक के पास रोजाना 100 से 125 मरीजों की ओपीडी होती है। नागरिक अस्पताल में दवाइयों की कमी पहले से ही थी।
सिविल सर्जन कार्यालय के पास बजट न होने के चलते दवाइयों की खरीद नहीं हो पा रही है। वेयर हाउस से दवाएं न आने पर सिविल सर्जन कार्यालय द्वारा खरीद की जाती है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये का सिविल सर्जन कार्यालय कर्जदार हो चुका है। इसके चलते एजेंसियां दवाइयों की सप्लाई देने में आनाकानी कर रही हैं।
अस्पताल में कफ सिरफ तक नहीं
नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में कफ सिरफ तक नहीं है। कफ सिरफ पिछले दो माह से खत्म है। एक से दो बार अर्बन पीएचसी से उधारी ली गई है। इसके अलावा अस्पताल में तेजाब बनने से रोकने की दवाई भी नहीं है। पीसीएम की भी 10,000 टेबलेट अर्बन पीएचसी से उधारी ली गई हैं। हालात ये है कि मरीज को पांच में से दो दवाइयां भी मुश्किल से मिल पा रही हैं।
मेरे संज्ञान में मामला आया है। नशा मुक्ति केंद्र में आने वाले मरीजों के उपचार के लिए खत्म हुई दवाइयां जल्द आ जाएंगी। इसके अलावा दवाइयों की खरीद की जा रही है।
- डॉ. महेंद्र सिंह, सिविल सर्जन