फतेहाबाद के चार मरला कॉलोनी में एक घर से पकड़ा गया बंदर।
फतेहाबाद। शहर को बेसहारा पशुओं से मुक्त करने को लेकर सोमवार को आखिरकार रेट तय हो गया है। रेवाड़ी की एजेंसी ने 370 रुपये प्रति पशु रेट कम कर दिया है। यानि एजेंसी 920 रुपये प्रति पशु पकड़ने का लेगी। एजेंसी ने पहले 1290 रुपये प्रति पशु रेट मांगा था लेकिन इसको लेकर पेंच फंसा हुआ था। नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची द्वारा सोमवार को ईओ राजेंद्र सोनी को सख्त लहजे में पत्र लिखा गया। इसके बाद नगर परिषद अफसरों ने संज्ञान लिया और एजेंसी से रेट कम करवाया।
बताया जा रहा है कि एजेंसी अब जल्द पशुओं को पकड़ने का अभियान शुरू कर सकती है। सोमवार को नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची ने ईओ राजेंद्र सोनी को लिखे पत्र में कहा है कि पूर्व में अनेक बार मौखिक तौर व पत्राचार के माध्यम से 17 सितंबर 2023 व 7 नवंबर 2023 और 11 जनवरी 2024 को बेसहारा पशुओं, कुत्तों, बंदरों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए पत्र लिखा गया। लेकिन खेद से दोबारा पत्र लिखना पड़ रहा है कि कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिसके परिणाम स्वरूप घटना शहर में जो घटना घटी है वह लापरवाही को दर्शाती है। तकनीकी शाखा को आदेश दें कि वह जल्द से जल्द बेसहारा पशुओं, कुत्तों व बंदरों के आतंक से मुक्त करने का तुरंत टेंडर लगाए ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो सके।
शहर में बंदरों की समस्या है तो नगर परिषद को दें सूचना
नगर परिषद द्वारा बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा से टीम बुलाई गई है। टीम करीब 16 बंदर पकड़ चुकी है। अभियान अभी जारी है। नगर परिषद के एसआई महेश कुमार का कहना है कि अगर शहर में किसी को बंदरों से संबंधित समस्या है तो वह कार्यालय में सूचना दे सकता है।
नगर परिषद कार्यालय में 23 फरवरी को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि दो माह के अंदर शहर से बेसहारा पशुओं, कुत्तों व बंदरों की समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। इसलिए अधिकारियों को पत्र लिखकर कहा गया है कि जल्द से जल्द टेंडर की प्रक्रिया पूरी करें। - राजेंद्र सिंह खिंची, प्रधान नगर परिषद।