फतेहाबाद। लंपी पॉक्स बीमारी से अब तक जिले में 1964 पशु संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 60 गायों ने दम तोड़ दिया है। वीरवार को ही छह गायों की मौत हो गई है। हालांकि, पशुपालन विभाग द्वारा वैक्सीनेशन भी लगातार चल रही है। बुधवार को 64500 वैक्सीन आने के बाद वीरवार को छह हजार वैक्सीन पशुओं को लगाई गई है। 1964 में से 1275 गायों को ठीक किया जा चुका है। 689 गायों का अभी भी उपचार चल रहा है। गोशालाओं में फॉगिंग करवाने का सिलसिला भी जारी है, ताकि गायों के पास मक्खी-मच्छरों की तादाद अधिक न बढ़े।
वहीं पशुपालन विभाग ने बॉर्डर एरिया के साथ लगते गांवों में वैक्सीनेशन अभियान तेज किया गया है। टोहाना में अगले सात दिनों में सभी पशुओं को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 40 टीमों को जुटाया हुआ है। वीरवार को एसडीएम अनिल दून ने शिव नंदीशाला में जाकर वैक्सीनेशन के दूसरे चरण की शुरुआत भी करवाई। एसडीएम के अनुसार टोहाना उपमंडल में 18 हजार वैक्सीन आ चुकी हैं, जिसमें से छह हजार वैक्सीन गोवंश को लगाई गई है। उन्होंने बताया कि पशुपालकों को इस बीमारी के लक्षणों और उपचार के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पशुपालकों को यह भी बताया जा रहा है कि उनको इस बीमारी को लेकर भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। गोशालाओं व नंदीशालाओं में फॉगिंग करवाई जा रही हैं।
इस दौरान पशुपालन विभाग के एसडीओ चरणजीत आर्य, पशु चिकित्सक डॉ. राजेश, नंदीशाला प्रधान धर्मपाल सैनी, नगर परिषद चेयरमैन नरेश बंसल, उपप्रधान नीरू सैनी, वीएलडीए सुरेश कुमार व सोनू कुमार आदि मौजूद रहे।
पशुपालकों में बढ़ रही दहशत
लगातार बढ़ रही लंपी पॉक्स की बीमारी अब पशुपालकों को डराने भी लगी है। जिले के साथ लगते राजस्थान के इलाके में भी काफी संख्या में गायों की मौत हो रही है। राजस्थान से आ रही सूचनाओं से भी पशुपालकों में दहशत का माहौल है। पशुपालक राजेंद्र सिंह, दलीप चंद, जयसिंह, नरेश कुमार, अशोक चंद्र, सुभाष, लीलूराम, विष्णु बिश्नोई आदि ने बताया कि लंपी पॉक्स की बीमारी पशुओं में लगातार बढ़ रही है। गोशालाओं के अलावा घरों में पशु भी बीमार हो रहे हैं। ऐसे पशुओं में भी बीमारी देखने को मिल रही है, जो संक्रमित पशु के प्रभाव में भी नहीं आए हैं।
पशु की मौत का क्लेम लेने रतिया में इंश्योरेंस कंपनी के गेट पर दिया धरना
रतिया। किसान को पशु की मौत पर बीमा कंपनी द्वारा क्लेम न दिए जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने जिला प्रधान निर्भय सिंह की अध्यक्षता में निजी कंपनी के टोहाना रोड स्थित दफ्तर के गेट पर धरना दिया। निर्भय सिंह ने बताया कि गांव भूंदड़वास निवासी सुखप्रीत सिंह ने कंपनी से अपने सभी दुधारू पशुओं का बीमा करवाया था। इसमें से एक गाय की बीमारी के कारण मौत हो गई। गाय मरने के बाद जब बीमा कंपनी के दो अधिकारियों और सरकारी डाक्टर ने पोस्टमार्टम करने के बाद यह भी कहा था कि 100 फीसदी क्लेम के हकदार हैं। रिपोर्ट तैयार करके कंपनी को भेजी गई। इसके बाद कंपनी ने किसान सुखप्रीत सिंह को नोटिस जारी कर कहा कि आप की गाय का टैग टूट गया है, इसलिए क्लेम के पैसे नहीं देंगे। सुखप्रीत ने कहा कि टैग उसी फाइल मेतं था, जो बीमा कंपनी के दो अधिकारियों के पास थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी खुद ही टैग गुम करके उन्हें परेशान कर रही है। इसके बाद किसान डीसी से मिले। डीसी ने सीटीएम को मामले में रिपोर्ट लेने को कहा। सीटीएम ने कंपनी के मैनेजर को भी बुलाया। मगर अभी तक मसले का हल नहीं हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दो दिन में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज करेंगे। संवाद
कोट
पशुपालन विभाग के अधिकारियों को वैक्सीनेशन अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस बीमारी के उपचार को लेकर पशुपालन विभाग, प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। जिले में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
-प्रदीप कुमार, डीसी, फतेहाबाद
कोट
जिले में अब तक 1964 केस लंपी पॉक्स के मिल चुके हैं। 1275 पशु ठीक भी हो गए हैं। 60 गायों की मौत हुई है। वीरवार को छह गायों ने दम तोड़ा। 689 का ट्रीटमेंट चल रहा है।
-डॉ. सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग