फतेहाबाद। जिले में वीरवार रात को हुई हल्की बारिश ने फसलों को संजीवनी प्रदान कर दी है। अब पाला जमने के कारण खराब होने की कगार पर पहुंची सब्जियों की फसलों को भी बचाने की कवायद शुरू की जा सकेगी। वहीं, ठंड से भी लोगों को राहत मिली है। ठिठुरन भी पहले से बेहद कम रही। शुक्रवार को दिन में कभी बादलवाही तो कभी धूप खिलने की स्थिति बनती रही, 23 जनवरी को बारिश होने की संभावना है। वहीं शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
गांव मेहूवाला के किसान राजेश कुमार, सतपाल, गांव बड़ोपल के किसान अमित कुमार, सतपाल सिंह, दीपक कुमार, मोनू, बलवान सिंह आदि ने बताया कि बारिश में देरी होने की वजह से किसानों को फसलों की बार-बार सिंचाई करनी पड़ रही थी। फसलों को ठंड से बचाने के लिए सिंचाई करनी जरूरी है। मगर अब बारिश के बाद कम सिंचाई करनी पड़ेगी। फसलों पर पाला भी नहीं जमेगा। बारिश के बाद शुक्रवार सुबह से ही किसान खेतों में खाद डालने में जुट गए। यह बारिश पछेती सरसों और चन्ने की खेती के लिए काफी लाभदायक है। पिछले वर्ष बारिश में देरी होने के कारण गेहूं की फसल के उत्पादन में कमी हुई थी। मगर इस बार बारिश समय पर हुई है, जिससे गेहूं के उत्पादन में भी फायदा होगा।
लिंक मार्गों पर जलभराव से लोगों को हुई परेशानी
हल्की बारिश के बावजूद लिंक मार्गों पर जलभराव हो गया। टूटी सड़कों पर गड्ढों में पानी भर गया। इससे दिनभर वाहन चालक व राहगीर परेशान होते रहे। रतिया रोड, भूना रोड, दौलतपुर रोड, भोड़िया रोड आदि मार्गों पर सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी।
जलभराव वाले क्षेत्रों के किसान नहीं चाह रहे बारिश
हालांकि, जलभराव से जूझने वाले किसान बारिश नहीं चाह रहे हैं। गांव चिंदड़ के किसान नेकीराम, सुभाष, अमित, बुधराम और अंकुश ने बताया कि पिछली बार बारिश के मौसम में खेतों में जलभराव होने से कुछ खेतों में बुवाई भी नहीं हुई। कुछ खेतों में बड़ी मुश्किल से गेहूं की बुवाई हो पाई है। अब अगर बारिश आती है तो उनकी गेहूं की फसलों को अत्यधिक नुकसान होगा क्योंकि खेतों में पहले से ही जरूरत से ज्यादा नमी बनी हुई है। इसी प्रकार बड़ोपल के किसानों पटेल, बजरंग, अमित, बलदेव, सोनू ने भी कहा कि इस बार बारिश से जलभराव होने और गेहूं को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
कोट
तीन दिनों तक और मौसम परिवर्तनशील रहेगा। किसान मौसम के पूर्वानुमान के हिसाब से ही खेतीबाड़ी का कार्य करें। 23 जनवरी को भी बारिश की संभावना रहेगी।
डॉ. मदन खीचड़, विभागाध्यक्ष, कृषि मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू हिसार