आरोपी को तीन दिन पहले दोषी करार किया गया था। सदर पुलिस ने 16 नवंबर
2014 को खैरातीखेड़ा गांव के सरपंच प्रतिनिधि राजेश कुमार की शिकायत पर
शीशपाल उर्फ पाला के खिलाफ अपने दो बेटों की निर्मम हत्या करने के आरोप में
मामला दर्ज किया था।
राजेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया
था कि उसकी पत्नी निर्मला किसी काम से बीरबल के घर गई थी। घर पर कोई नहीं
था। उसने कमरे में लगी कुंडी खोलकर देखा तो उसके दोनों पुत्र सलीम व सदीक
बुरी तरह लहूलुहान पड़े थे।
उसने इसकी जानकारी राजेश को दी। राजेश
ने शीशपाल के घर जाकर देखा तो दोनों लड़कों पर तेजधार हथियार से वार किए गए
थे। दोनों की मौत हो गई थी।
वारदात के दिन शीशपाल की पत्नी अपनी
लड़की से मिलने हांसी गई हुई थी। घटना की सूचना उसने तुरंत पुलिस को दी।
शिकायत में उसने बताया था कि शीशपाल का अपनी पत्नी और लड़कों से काफी दिनों
से झगड़ा चल रहा था।
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया था कि ग्रामीणों
के अनुसार दो दिन पहले ही शीशपाल ने गंडासी को धार लगवाई थी। लड़कों के साथ
झगड़े के कारण दो तीन दिन से वह घर नहीं आया था।
राजेश ने शक
जताया था कि दोनों की हत्या उसके पिता ने ही की है। जिस पर पुलिस ने शीशपाल
के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी थी। बाद में
उसने हत्या करने की बात कबूली थी।