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Fatehabad News: नशे से नरक हो गई थी जिंदगी, पत्नी ने दिया हौसला तो जीने की तमन्ना जगी

Sun, 04 Jan 2026 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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नशे के इंजेक्शन लगाने से खराब हुआ अंगूठा
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फतेहाबाद। दोस्तों की संगत में फंसकर गांव तामसपुरा का कुलदीप नशे का आदी बन गया। 12-13 साल पहले हेरोइन का नशा लेना शुरू किया। धीरे-धीरे यह उसकी नसों में फैल गया। नशा मिलना मुश्किल हुआ तो 15 से 20 गोलियां खाने लगा। जब गोलियों का असर खत्म हुआ तो इंजेक्शन लगाने शुरू किए। इसका प्रभाव यह हुआ कि इससे हाथ की अंगुलियां और अंगूठा खराब हो गए।
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मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाने वाले पति कुलदीप की यह हालत देख पत्नी बीना ने हिम्मत दिखाई और पुलिस विभाग की नशा मुक्ति टीम से मदद मांगी। पुलिस टीम के हौसले और पत्नी की हिम्मत देख कुलदीप में जज्बा जागा और वह नशा छोड़ने के लिए तैयार हुआ। दो माह से कुलदीप अब नशे से पूरी तरह से दूर है और उपचार ले रहा है।

अब अगले सप्ताह कुलदीप की अंगुलियों और अंगूठे का ऑपरेशन होना है ताकि बीमारी आगे न बढ़ सके। नशा मुक्ति टीम इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुंदर मुसाफिर ने बताया कि कुलदीप एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखता है। दोस्तों की गलत संगत में पड़कर उसने मौज-मस्ती के लिए मेडिकल नशा करना शुरू किया।
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शुरुआत में उसे लगा कि इससे सुकून है और यही खुशी, लेकिन यह खुशी और सुकून कुछ समय की ही मेहमान साबित हुई। धीरे-धीरे नशे की मात्रा बढ़ती गई, पहले दो गोलियां, फिर पांच और फिर रोजाना 15–20 गोलियां खाने लगा। जब गोलियों से नशे की पूर्ति नहीं हुई, तो इंजेक्शन लगाने लगा। लगातार इंजेक्शन लगाने के कारण उसके एक हाथ में गैंगरीन हो गई। अंगुलियां सूखने लगीं और घाव बढ़ते चले गए। काम छूट गया, लोग उससे दूर होने लगे।

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पत्नी की आंखों में आंसू और उम्मीद कम थी

गांव तामसपुरा में पुलिस की नशा मुक्ति टीम का कैंप लगा। पत्नी बीना ने इसकी सूचना टीम को दी कि उसके पति को भी नशे की लत लगी है। टीम जब घर पहुंची तो कुलदीप एक कोने में चारपाई पर पड़ा था। टीम ने पहले परिवार और पत्नी बीना का मनोबल बढ़ाया। बीना की आंखों में आंसू थे, लेकिन दिल में उम्मीद जाग उठी।

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बेटी भी बढ़ा रही है हौसला

कुलदीप की 10 वर्षीय बेटी भी अपने पिता के पास बैठती है और उनसे प्यार से बातें करती है। गांव वाले, जो कभी उसे नफरत की नजर से देखते थे, आज उसे सम्मान की नजर से देखते हैं। गैंगरीन के कारण उसके एक अंगूठे और दो अंगुलियों को नुकसान अवश्य हुआ, लेकिन उसकी कीमती जिंदगी को बचा लिया गया।
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जिले में पकड़े गए नशे की स्थिति भी जानिए

एनडीपीएस मामलों की तुलनात्मक स्थिति

वर्ष दर्ज अभियोग
गिरफ्तार आरोपी

2024
219
434

2025
295
645

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नशीले पदार्थों की बरामदगी (तुलनात्मक विवरण)

नशीला पदार्थ
2024
2025

अफीम 23.131 किग्रा
15.529 किग्रा

चूरा पोस्त
2036.181 किग्रा
2118.696 किग्रा

चरस
0.16 ग्राम
18.158 किग्रा

गांजा
594.297 किग्रा 648.947 किग्रा

हेरोइन
1431.71 ग्राम
8102.729 ग्राम

कोकीन —
9.72 ग्राम

नशीली टैबलेट
16,934
1,75,000

नशीले इंजेक्शन

250

पोस्त पौधे
1393 325

नशे के इंजेक्शन लगाने से खराब हुआ अंगूठा

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