समस्या बताते आईटीआई के विद्यार्थी।
जाखल। तलवाड़ा-जाखल में भाखड़ा नहर के किनारे करोड़ों रुपये से बने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में अनुदेशक के दस में से पांच पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा संसाधनों की कमी भी विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने में बाधा बन रही है। बिना अनुदेशक न तो विद्यार्थी अपनी ट्रेड की पढ़ाई कर पा रहे हैं और न ही प्रेक्टिकल ट्रेनिंग ले पा रहे हैं। नतीजतन, तकनीकी रूप से सक्षम बनकर स्वावलंबी बनने की राह भी मुश्किल हो गई है।
विद्यार्थी संदीप, राजू, तरसेम, अंकुर, संजीव, शालू, भुवन, विकास आदि ने कहा कि उन्होंने आईटीआई में दाखिला लिया हुआ है। मगर यहां पर अनुदेशक के आधे पद खाली पड़े हैं। वहीं प्रशिक्षण के लिए कंप्यूटर सहित अन्य संसाधनों की भी भारी कमी है। इस कारण उनका पढ़ाई व प्रशिक्षण का कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। कोर्स की समय अवधि पूरी होने के बाद न वे अच्छी कंपनियों में नौकरी हासिल कर पाएंगे और न ही स्वरोजगार की कोई इकाई खोल पाएंगे।
अलग-अलग ट्रेड में 166 विद्यार्थी
आईटीआई में पिछले साल की अपेक्षा इस बार विद्यार्थियों के दाखिलों की संख्या दोगुनी हो गई है। प्रिंसिपल के अनुसार साल 2022 में 77 विद्यार्थियों के दाखिले हुए थे। मगर इस बार अलग-अलग ट्रेड में 166 विद्यार्थियों के दाखिले हो चुके हैं। अगर पर्याप्त संख्या में अनुदेशक की नियुक्ति हों और सभी संसाधन उपलब्ध करवाए जाएं तो निश्चित रूप से जाखल जैसे ग्रामीण क्षेत्र में यह संस्थान तकनीकी रूप से विद्यार्थियों को सक्षम बना सकेगा।
यह है स्टाफ की स्थिति
ट्रेड कुल पद खाली पद
फिटर अनुदेशक 2 1
टर्नर अनुदेशक 2 1
स्टेनो ब्यूटी पार्लर 3 3
मशीनिस्ट 3 3
पलंबर 2 1
-एक तरफ जहां विद्यार्थियों के दाखिले पिछले साल की अपेक्षा इस बार अधिक हुए हैं। मगर अनुदेशक की कमी तथा प्रेक्टिकल के लिए कंप्यूटर व अन्य उपकरण संसाधनों की कमी होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हमने उच्च अधिकारियों को इस संबंध में अवगत करवाया हुआ है।
-रामकुमार, प्रिंसिपल, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, तलवाड़ा-जाखल