इमरजेंसी के बाहर लगाया गया कोरोना टेस्ट का नोटिस।
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फतेहाबाद। कोरोना संक्रमण को लेकर एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सरकारी अस्पतालों में अगर मरीज को उपचार करवाना है तो पहले कोविड टेस्ट करवाना होगा। सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। ये ही नहीं निजी अस्पतालों के स्टाफ व वहां दाखिल मरीजों का भी कोरोना टेस्ट होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने बकायदा रोस्टर जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम निजी अस्पतालों में जाएगी और वहां पर स्टाफ व दाखिल मरीजों के कोरोना टेस्ट करेगी।
बिना लक्षण कोरोना मरीजों से संक्रमण फैलने का खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक बिना लक्षण कोरोना मरीजों से संक्रमण फैलने का खतरा है। कोरोना संक्रमित कई मरीजों में लक्षण नहीं होते है। कोरोना की पहली लहर में बिना लक्षण वाले मरीज मिले थे जबकि दूसरी लहर में कोरोना संक्रमितों में लक्षण मिले थे। इसी के चलते विभाग कोरोना सैंपल ले रहा है। पहले निजी स्कूलों में छात्रों के कोरोना टेस्ट किए गए और अब निजी अस्पतालों में स्टाफ और दाखिल मरीजों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।
जिले में कोरोना की स्थिति
अब तक लिए गए सैंपल : 326150
संक्रमित मिले : 17833
ठीक हुए : 17349
संक्रमित मरीजों की मौत : 484
कोट
नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए कोविड टेस्ट अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीम निजी अस्पतालों में स्टाफ और दाखिल मरीजों के सैंपल ले रही है। निजी अस्पतालों में सैंपल को लेकर शेड्यूल भी बनाया गया है।
- मेजर डॉ. शरद तुली, उप सिविल सर्जन