फतेहाबाद। शहर को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से 22 दोस्तों ने मिलकर शहर में जिंदगी एक संस्था का निर्माण किया। गठन के 20 साल बाद अब यह संस्था नशे विरोधी मुहिम को भी बढ़चढ़ कर आगे बढ़ा रही है। अब संस्था के 130 सदस्य हो चुके हैं।
संस्था ने गांव खाबड़ा में कोचिंग सेंटर भी खोला गया है। जिसमें युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए मुफ्त में कोचिंग दी जा रही है। जिंदगी संस्था के द्वारा जल्द ही गांव बिसला, बरसीन व धारणियां में इस प्रकार के कोचिंग सेंटर खोलने की योजना बनाई जा रही है। जिंदगी संस्था का कहना है कि प्रशासन से यह मांग की गई है कि यहां पर जगह मुहैया करवाई जाए ताकि बच्चों को सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग दी जा सके।
जिंदगी एक संस्था का निर्माण 12 फरवरी वर्ष 2005 में किया गया था। शहर के कुछ हिस्सों में उस समय कूड़े के ढेर अधिक होने के चलते गंदगी का आलम था। संस्था की ओर से शहर के बिघड़ रोड और कन्या सरकारी स्कूल के बाहर बने कूडे के प्वाइंट हटवाएं गए। जहां पर रोजाना कूड़ा फेंका जाता था। संस्था की ओर से शहर में ग्रीन सिटी अभियान चला कर स्वच्छता व जल संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
नशे के प्रति कर रही जागरूक
उसके बाद जिंदगी संस्था के द्वारा गांव स्तर पर चौपाल लगाई गई। जिसमें नशे के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इसके लिए एक नारा तैयार किया गया नशे के खिलाफ खेल का पंच। लोगों को ज्यादा से ज्यादा खेलों से जोड़ा गया और इसी के कारण वर्ष 2022 में युवा एवं खेल विभाग की तरफ से जिंदगी संस्था को बेस्ट संस्था का अवार्ड दिया गया।
संस्था में हर दो वर्ष बाद होते है चुनाव
जिंदगी संस्था के प्रधान हरदीप सिंह ने बताया कि उनकी संस्था में हर 2 वर्ष बाद कार्यकारिणी का गठन किया जाता है। लेकिन हर बार सर्व समिति से ही कार्यकारिणी का चुनाव हो रहा है। जिंदगी संस्था के कोषाध्यक्ष पवन कालड़ा व जनरल सेक्रेटरी सुरेंद्र नायक हैं। सभी सदस्य आपस में मिल बांटकर ही समाज सेवा का कार्य कर रहे हैं। सरकार की ओर से कोई भी सहायता नहीं मिल रही।
लघु सचिवालय के पार्क का किया सुधार
फिलहाल जिंदगी संस्था लघु सचिवालय में जंगल बन चुके कन्हैया पार्क को गोद लेकर उसकी देखभाल कर रही है। कन्हैया पार्क में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई थी। इसके बाद नगर परिषद व उपायुक्त मनदीप कौर के द्वारा जिंदगी संस्था को यह पार्क गोद दिया गया। अब जिंदगी संस्था के द्वारा इस पार्क में सौंदर्य करण किया जा रहा है। सभी झाड़ियां कटवा दी गई हैं। जल्द ही यहां पर नहीं पौधे भी लगाए जाएंगे।
संस्था में जुड़े हैं राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी
जिंदगी संस्था के साथ पूर्व हॉकी कप्तान सविता पूनिया, पर्वतारोही मनीषा पायल और स्वच्छता अभियान फतेहाबाद की ब्रांड एंबेसडर रह चुकी दीक्षा सचदेवा भी शामिल हैं। उनके द्वारा भी समय- समय पर संस्था का सहयोग किया जाता है।
संस्था ने बर्तन बैंक का किया है निर्माण
जिंदगी संस्था शहर के लोगों के लिए बर्तन बैंक का निर्माण भी किया है। शुरुआती चरण में इस संस्था के द्वारा 200 बर्तन से बर्तन बैंक शुरू किया गया था। लेकिन अब इन बर्तनों की संख्या बढ़कर 500 हो चुकी है। शहर में लोग डिस्पोजल का इस्तेमाल न करें। इसी के लिए बर्तन बैंक का निर्माण किया गया है। कोई भी व्यक्ति बिना पैसों के बर्तन ले जा सकता है। बर्तनों का इस्तेमाल करके साफ करके वापस लौट सकता है। इसमें लोगों का सहयोग मांगा जाता है। जो भी व्यक्ति बर्तन लेकर जाता है वह अपनी तरफ से 11 या 21 बर्तन संस्था को गिफ्ट में देता है। यही कारण है कि 200 बर्तनों से संख्या बढ़कर 500 तक पहुंच चुकी है। जिंदगी एक संस्था के द्वारा वर्ष 2012 से लेकर 2019 तक गांव में अलग-अलग जिसमें ब्यूटी पार्लर व मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग छात्रों को दी गई। जिंदगी संस्था से जुड़ी करीब 15 छात्राएं पुलिस में भी भर्ती हुई है।