फतेहाबाद के रेगर बस्ती में एक ज्वेलर ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पत्नी ने सात-आठ साल पहले बनवाए गए सोने के जेवरों की राशि न आने और प्लॉट की रजिस्ट्री न करवाने से परेशान होकर सुसाइड करने के आरोप लगाए हैं। मामले में शहर पुलिस ने रविवार को मृतक रेगर बस्ती निवासी मोहित की पत्नी मीनू उर्फ महक के बयान पर पंजाब के सरदूलगढ़ निवासी हरदीप शर्मा, संदीप शर्मा व भूथनकलां निवासी बलजीत ढाका के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
मामले के मुताबिक शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि रेगर बस्ती निवासी ज्वेलर मोहित ने जहर खा लिया। उसकी निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई है। मृतक मोहित की पत्नी मीनू ने बताया कि उसके पति की रेगर बस्ती में सोने-चांदी के जेवर की दुकान है। उसके पति ने सावित्री से तीन साल पहले एक प्लॉट खरीदा था। जिसकी रजिस्ट्री सरदूलगढ़ निवासी जगदीश के नाम थी, जिसकी मौत हो चुकी है। उसकी मौत के बाद उसके बेटे हरदीप शर्मा और संदीप के नाम रजिस्ट्री हो गई।
इसके अलावा भूथन निवासी बलजीत ढाका ने अपने भांजे की शादी के लिए उसके पति मोहित की दुकान से सात-आठ साल पहले 17 तोले सोने के जेवर 33 हजार रुपये के भाव से बनवाए थे। इस दौरान डेढ़ लाख रुपये दिए गए जबकि करीब सात लाख रुपये बकाया हैं। इसको लेकर कई बार पंचायत हुई लेकिन बलजीत ने पैसे देने से मना कर दिया। आरोप है कि पांच-छह दिन से मोहित के मोबाइल पर फोन आ रहे थे। प्लॉट की रजिस्ट्री न करवाने और सोने के जेवरों की राशि न देने से परेशान होकर उसने जहर खाकर आत्महत्या की है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिवार को सौंप दिया है।