फतेहाबाद। टीबी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 100 दिवसीय आयुष्मान आरोग्य शिविर शुरू किए हुए हैं। मेडिकल मोबाइल यूनिट में लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। विभाग अब पूर्व में टीबी से ग्रस्त रह चुके लोगों की दोबारा स्क्रीनिंग करेगा। इसके अलावा 15 पैरामीटर तय किए जिन्हें इस स्क्रीनिंग में शामिल करने के निर्देश दिए गए है।
सिविल सर्जन कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उप सिविल सर्जन डॉ. अशोक ने अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को आयुष्मान आरोग्य शिविरों को लेकर समीक्षा की। बैठक में डब्ल्यूएचओ के सलाहकार डॉ. अमन भी मौजूद रहे। उप सिविल सर्जन ने बताया कि जिले में तीन मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन कार्यरत हैं जिनमें से दो में एक्स-रे मशीनें उपलब्ध हैं।
ये मोबाइल यूनिट गांव-गांव पहुंचकर उन लोगों की जांच करेंगी जिन्हें टीबी होने का अधिक खतरा है। इसमें पहले टीबी से ग्रस्त रह चुके मरीज, टीबी रोगियों के संपर्क में रहने वाले लोग, बुजुर्ग, मधुमेह रोगी, कुपोषित व्यक्ति, धूम्रपान और शराब का सेवन करने वाले लोग, फैक्ट्री व ईंट भट्ठों में काम करने वाले श्रमिक तथा स्लम बस्तियों में रहने वाले लोग शामिल हैं।
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112 शिविरों में 6040 लोगों की हुई स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 24 मार्च से अब तक 112 शिविर लगे हैं। इसमें 6040 लोगों की स्क्रीनिंग हुई है। जांच के दौरान 2318 लोगों के एक्सरे हुए और 1185 लोगों को जांच के लिए रेफर किया गया।
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ये हैं लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी या खांसी में बलगम
- बलगम में खून आना
- लगातार वजन कम होना
- भूख न लगना
- दोपहर बाद बुखार आना
- रात को पसीना आना
- छाती में दर्द होना
- शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ होना
- थकान होना
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वर्ष 2025 में टीबी को लेकर ये रही है स्थिति
टीबी को लेकर लोगों की हुई स्क्रीनिंग - 303851
जांच के दौरान मिले पॉजिटिव - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
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यदि किसी व्यक्ति को लगातार खांसी, वजन कम होना, भूख न लगना, बुखार, रात में पसीना आना या छाती में दर्द जैसी समस्याएं हो तो तुरंत स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवानी चाहिए। टीबी की जांच और उपचार सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क उपलब्ध है। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल से जिले में टीबी की समय रहते पहचान और उपचार को बढ़ावा मिलेगा।
- डॉ. अशोक, उप सिविल सर्जन