फतेहाबाद। बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने रतिया शहर में बिजली की व्यवस्था बहाल करने में लापरवाही बरतने पर बिजली निगम के रतिया कार्यालय में कार्यरत जेई मनोज कुमार को चार्जशीट करने के निर्देश दिए हैं। बिजली मंत्री रणजीत सिंह सोमवार को जिला पंचायत संसाधन केंद्र में लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
जन परिवाद समिति की बैठक में कुल 16 मामलों की सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान बिजली मंत्री ने 11 मामलों का मौके पर निपटान किया और 5 परिवाद लंबित रख आगामी बैठक में रिपोर्ट सहित प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जन परिवाद समिति की बैठक में रतिया निवासी हरमेश, देवराज की शिकायत थी कि 25 अप्रैल, 2022 को तेज हवा और अंधड़ चलने से शहर की बिजली व्यवस्था चरमरा गई, इसकी शिकायत बिजली विभाग से की गई। शहरी क्षेत्र में तैनात जेई मनोज कुमार द्वारा इस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस पर कार्रवाई करते हुए हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि लापरवाही बरतने के आरोप में जेई को चार्जशीट करें। एक अन्य मामले केसू पुत्र कल्याण सिंह निवासी ढिंगसरा की शिकायत थी कि उसने भेड़ फार्म खोलने के लिए अप्लाई किया था, परंतु बैंक कर्मियों ने कोई कार्यवाही नहीं की और उसके चक्कर कटवा रहे हैं। इस पर सुनवाई करते हुए कैबिनेट मंत्री रणजीत सिंह ने डीसी को सर्व हरियाणा ग्रामीण बैंक के ब्रांच मैनेजर को चार्जशीट करने के लिए बैंक प्रबंधन को अनुशंसा करने के आदेश दिए और बैंक के रीजनल मैनेजर को अगली बैठक में उपस्थित होने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर फतेहाबाद के विधायक दुड़ाराम, रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा, उपायुक्त प्रदीप कुमार, एसपी सुरेंद्र सिंह भोरिया, एडीसी अजय चोपड़ा, एसडीएम राजेश कुमार, जिप सीईओ कुलभूषण बंसल, आरटीए सचिव संजय बिश्रोई, निवर्तमान जिप चेयरमैन राजेश कसवां, जिप अतिरिक्त सीईओ मनोज कुमार, अजब सिंह गिल्लांखेड़ा, रमेश मेहता, सतपाल, विजय गोयल, जोगिंद्र सिंह, वेद जांगड़ा आदि मौजूद रहे।
आंगनबाड़ी की झूठी शिकायत पर कार्रवाई के आदेश
बैठक में गांव भरपूर के एक व्यक्ति रोहताश के नाम से आंगनबाड़ी वर्कर के खिलाफ शिकायत आई थी। पता चला कि गांव में इस नाम से किसी व्यक्ति ने शिकायत नहीं की है और यह शिकायत झूठी है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए कैबिनेट मंत्री ने आदेश दिए कि जन परिवाद की शिकायत करने वाले व्यक्ति की आईडी आधार कार्ड सहित लगाई जाए। वहीं उन्होंने एसपी को आदेश दिए कि झूठी शिकायत देने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई की जाए।
दो साल तक लंबित शिकायत का पूरा ब्योरा मांगा
पिछली बैठक से लंबित टोहाना निवासी नरेश गुप्ता की शिकायत थी कि सहायक रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी के कर्मचारियों ने मिलकर उसकी दुकान की गलत नाम से नीलामी कर दी। इस पर सहायक कोऑपरेटिव के रजिस्ट्रार ने बताया कि दोषी कर्मचारियों के खिलाफ मुख्यालय ने चार्जशीट कर दी है। इस पर बिजली मंत्री ने कोऑपरेटिव सोसायटी के मुख्यालय से आए संयुक्त रजिस्ट्रार योगेश शर्मा से दो साल तक मामला लंबित रखने का कारण सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए और अगली बैठक में दोषी कर्मचारियों के खिलाफ हुई चार्जशीट को प्रस्तुत करने को कहा।
अवैध पुलिया बनाने वालों पर कार्रवाई के आदेेश
गांव भूना निवासी ओम प्रकाश, धर्मचंद, अमित कुमार की शिकायत थी कि उसका रकबा टोहाना सब डिवीजन में आता है और इस पर कुछ लोगों भजन सिंह, सतवीर सिंह ने खाल पर कच्ची पुली का निर्माण कर रखा है, जिसके कारण उनके खाल में कचरा आदि फंसता है। इस पर कार्यवाही करते हुए बिजली मंत्री ने अवैध पुलिया का निर्माण करने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कंपनी ने नहीं दिया बिल, कानूनी कार्रवाई के आदेेश
राजेंद्र कुमार वर्मा निवासी शेखुपुर सौत्र की शिकायत थी कि उसने बीएस ट्रेडर्स से पाइप ली थी लेकिन ट्रेडर्स ने उसे बिल नहीं दिया। इस पर डीईटीसी (बिक्री कर) ने बताया कि बिल न देने की एवज में जीएसटी कानून के तहत फर्म पर 29110 रुपये का जुर्माना लगा दिया है। इस पर कैबिनेट मंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि वे बीएस ट्रेडर्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।
मजदूर को पेमेंट न मिलने पर तीन अधिकारियों की बनाई जांच कमेटी
जन परिवाद समिति की बैठक में खरकड़ा निवासी मुकेश कुमार की शिकायत थी कि उसने गांव कन्हड़ी में गलियां बनाने का काम किया था, जो एक लाख 50 हजार रुपये का काम है। गांव के तत्कालीन सरपंच उषा देवी ने प्रार्थी को केवल 23 हजार रुपये दिए और बाकी रुपये देने से मना कर दिया। इस पर बीडीपीओ टोहाना ने बताया कि मस्टररोल में प्रार्थी के काम का कोई वर्णन नहीं है। इस पर बिजली मंत्री ने डीडीपीओ को जांच के आदेश दिए और प्रार्थी को उसके काम की पेमेंट करवाने को कहा।
स्वास्थ्य विभाग में घोटाले की जांच एसपी को सौंपी
प्रार्थी डॉ. गगनदीप गर्ग कल्याणी नर्सिंग होम ने शिकायत दी थी तत्कालीन सीएमओ फतेहाबाद और डॉ. गिरीश कुमार ने मिलीभगत से बेईमानी करके सरकारी खाते से अपने निजी खाते में फंड डलवाकर धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार किया है। इस पर कार्यवाही करते हुए कैबिनेट मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए कि वे नियमानुसार जांच करके कानूनी कार्यवाही करें और इसकी रिपोर्ट अगली बैठक में दी जाए।