भूनागोरखपुर गांव में किसान जागरूकता के उद्देश्य से “किट खेत पाठशाला” में खेती की जानकारी देते व
भूना। गोरखपुर गांव में कीट-खेत पाठशाला की शुरुआत फकीर चंद धायल के खेत में की गई। यह कार्यक्रम नवंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान किसानों को फसलों में कीट प्रबंधन और रोग नियंत्रण के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उद्घाटन सत्र में कीट साक्षरता मिशन के उपसंयोजक और पशुपालन विभाग के सेवानिवृत्त डॉक्टर धर्म सिंह, ने किसानों को कपास और धान की फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों और बीमारियों की पहचान, उनके जीवन चक्र और समय पर नियंत्रण के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही, जैविक उपायों, संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल चक्र जैसे टिकाऊ खेती के तरीकों पर भी जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने किसानों से खेत पाठशाला में नियमित भागीदारी करने और सीखी गई तकनीकों को अपने खेतों में लागू करने का आह्वान किया, ताकि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत में भी कमी लाई जा सके।
इस अवसर पर गोरखपुर, चंद्रावल, मोची चौबारा, डॉ. सुखबीर सिवाच, पीनू पहलवान, धीराराम, राजबीर दहमन और भूप चौबारा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।