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Fatehabad News: महिला बोली- नशे के 12-12 इंजेक्शन लगाने वाला पति काफी हद तक इसे छोड़ चुका

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गांव कुलां के सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में संबो​धित करते हुए पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुलां। गांव कुलां के स्कूल में नशा मुक्ति को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने नशा मुक्त घोषित गांवों के सरपंचों को नशा मुक्त गांव अवॉर्ड से सम्मानित किया।
कार्यक्रम में एक महिला ने अपनी पति के नशा छोड़ने के बारे में बताया। महिला ने कहा कि नशे के 12-12 इंजेक्शन लगाने वाला पति काफी हद तक इसे छोड़ चुका है। कार्यक्रम में जिले के 16 गांवों को नशा मुक्त घोषित किया गया है, जिनमें गांव बोस्ती, ठरवी, भोड़ी, भोड़िया खेड़ा, इंदाछोई, बिढ़ाईखेड़ा, चंदड़ खुर्द, कुलां, अमानी, फतेहपुरी, लोहा खेड़ा, खनौरा, हसंगा, ढाणी बिलासपुर, कलंदरगढ़, ढाणी दादूपुर शामिल हंै।
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इस दाैरान डीएसपी मुख्यालय जयपाल सिंह, डीएसपी टोहाना उमेद सिंह, थाना प्रभारी सदर टोहाना निरीक्षक बलजीत सिंह, थाना प्रभारी शहर टोहाना उपनिरीक्षक देवीलाल ने भाग लिया।
जिले के 166 गांव हुए नशा मुक्त घोषित : पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी ने कहा कि जिले में कुल 293 गांव तथा 97 वार्ड हैं, जिनमें से अब तक 166 गांव व 36 वार्डों को नशा मुक्त घोषित किया जा चुका है। नशा मुक्ति टीम को दिसंबर तक 50 अन्य गांवों को नशा मुक्त घोषित करने का लक्ष्य दिया है। नशा मुक्त हुए इन गांवों को दोबारा से भी चेक किया जाएगा। पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने फतेहाबाद के 170 गांव में सर्वे कर अब तक करीब 1673 नशा पीड़ितों की पहचान की है। टीमों ने 1557 नशा पीड़ितों व उनके परिवार की काउंसलिंग करवाई है व उन्हें उपचार करवाने के लिए प्रेरित किया है।
ग्रामीणों को जागरूक होने की जरूरत : डीएसपी

डीएसपी जयपाल सिंह ने कहा कि जो गांव ड्रग मुक्त हो गया है फिर भी लगातार जागरूकता अभियान जारी रखना है। ग्रामीणों को सावधान रहना होगा। कुछ लोग अपने बच्चों की गलत आदतों को छुपाते हैं टीम से सहयोग नहीं लेते। ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वे नशे से ग्रस्त ऐसे भटके युवाओं की अनदेखी न करें और उन्हें सही रास्ते पर लाने की हर स्तर पर कोशिश करें। बच्चों की पढ़ाई में रूचि के साथ-साथ खेलों में भी रुचि पैदा करें।
टीमें कर रही हैं घर-घर जाकर सर्वे

एसपी ने कहा कि हिसार मंडल में ड्रग तस्करी को नियंत्रित करने के लिए मंडल के सभी 6 जिलों में पुलिस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें ड्रग से प्रभावित गांवों में डोर टू डोर सर्वे कर ड्रग से पीड़ितों की पहचान करती है। उसके बाद उनकी काउंसलिंग करवाई जाती हैं। अच्छी बात यह है कि टीम ने सर्वे के दौरान पाया है कि जो नशे से पीड़ित थे वे ठीक हो रहे हैं। उन्होंने ड्रग मुक्त गांव की परिभाषा देते हुए बताया कि जिस गांव अथवा वार्ड में कोई व्यक्ति ड्रग का सेवन नहीं करता, अथवा जो ड्रग की लत से पीड़ित थे वो छोड़ चुके हैं अथवा अपना उपचार करवा रहे हैं। गांव में कोई ड्रग तस्कर नहीं है। गांव में पहले की अपेक्षा 80 प्रतिशत तक सुधार है। अब तक 793 ड्रग पीडितों ने उपचार लिया है व 275 ड्रग पीडितों ने ड्रग्स लेने की आदत को छोड़ दिया है।
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सूचना देने के लिए एसपी ने दिया संपर्क नंबर

कार्यक्रम के दौरान एसपी ने नशे के मुद्दे को लेकर लोगों से वार्ता भी की। कार्यक्रम में पहुंची एक महिला ने पति के नशे की लत को लेकर चर्चा की। महिला ने बताया कि उसका पति नशे का आदी है। वह पहले नशे के 12-12 इंजेक्शन लगाता था। पुलिस के इस अभियान के बाद पति काफी हद तक नशे को न कह चुका है। उम्मीद है कि पति जल्द ही नशे की दलदल से पूरी तरह से बाहर निकल जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने सभी सरपंचों को अपना संपर्क नंबर नोट करवाया और कहा कि उनके गांव की समस्या, ड्रग तस्करों व ड्रग पीड़ितों से संबंधित सूचना तुरंत देनी है, उसके बाद शेष कार्य उनका है।
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