जहां से टीम को भारी मात्रा में कंपनियों के फिजिशियन सैंपल के साथ एक्सपायर हो चुकी डेट की दवाइयां मिली। तीन घंटे तक चली कार्रवाई के बाद दवाइयों को कब्जे में ले लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग को सूचना मिली कि फिजिशियन सैंपल बाजार में बेचे जा रहे हैं। हिसार से आए सीनियर ड्रग कंट्रोलर कर्ण गोदारा तथा ड्रग कंट्रोलर रमन श्योराण ने गउशाला रोड के पास स्थित अरोड़ा मेडिकल पर छापा मारा जहां पर टीम को कुछ नहीं मिला।
जिसके बाद टीम ने भारी पुलिस फोर्स जिसमें लेडीज पुलिस को भी साथ लेकर मॉडल टाऊन में सीनियर मॉडल स्कूल के सामने संचालक सुरेश कुमार की कोठी पर छापा मारा।
जहां टीम को भारी मात्रा में कंपनियों के फीजिशयन सैंपल मिले। मौके पर टीम ने ऐसी दवाईयां भी बरामद की जो कि एक्सपायर हो चुकी थी। कार्रवाई लगभग साढे़ पांच बजे शुरू हुई जो कि साढ़े सात बजे के बाद तक जारी रही। इस दौरान कोठी के अंदर व बाहर पुलिस बल तैनात रहा।
फिजिशियन सैंपल नहीं बेच सकते मेडिकल संचालक
दवाई कंपनियों द्वारा सैंपल फिजिशियन को दिए जाते हैं। इन सैंपलों को मेडिकल स्टोर संचालक अपने पास नहीं रख सकता है।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार मेडिकल संचालक के पास चाहे लाइसेंस भी हो, वह सैंपल अपने पास नहीं रख सकता है। कोठी में से जो दवाईयां बरामद हुई हैं वहां का तो सैंपल भी नहीं है।
कहां से आई दवाईयां, कहां-कहां बेची गई, विभाग करेगा जांच
कोठी से जो दवाइयां मिली हैं उन्हें बाजार में बेचा जा रहा था। इस बात की पुष्टि खुद विभाग के अधिकारियों ने की है। मौके से नामी कंपनियों की दवाईयां बरामद की गई है।
अधिकारी इस बारे में कंपनियों से भी पता लगाएंगे कि ये दवाईयां यहां पर कैसे पहुंची और इस पूरे मामले में कौन कौन शामिल है।
क्या कहते हैं अधिकारी
गुप्त सूचना मिली थी कि फिजिशयन सैंपल बेचे जा रहे हैं। जिसके बाद कार्रवाई की। मौके से काफी फिजिशियन सैंपल व एक्सपायर सैंपल मिले हैं। दवाईयों को कब्जे में ले लिया गया है और जांच चल रही है।
रमन श्योराण
जिला ड्रग कंट्रोलर