फतेहाबाद। शिक्षा विभाग द्वारा बिना तैयारी जिला मुख्यालय के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को सीबीएसई पैटर्न पर जोड़ना विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। जानकर हैरानी होगी कि विद्यार्थी को अगर आठवीं कक्षा के बाद हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से जुड़े सरकारी स्कूल में हिंदी माध्यम से पढ़ाई करनी है तो जिला मुख्यालय में सरकारी स्कूल ही नहीं हैं। ऐसे में अगर विद्यार्थी हिंदी माध्यम के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लेना चाहते हैं तो उन्हें करीब 10 से 15 किलोमीटर दूर गांव के सरकारी स्कूल में जाना होगा।
जिला मुख्यालय पर लड़कों के लिए सिर्फ आठवीं तक और लड़कियों के लिए सिर्फ हाई स्कूल ही है। फतेहाबाद के लड़कों के सीनियर सेकेंडरी स्कूल को मॉडल संस्कृति बनाकर सीबीएसई पैटर्न पर जोड़ा जा चुका है और लड़कियों के सीनियर सेकेंडरी स्कूल को पिछले साल पीएमश्री में शामिल कर दिया गया था और सीबीएसई पैटर्न पर जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी सिर्फ अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों का ही दाखिला होगा। जिला मुख्यालय में आठवीं कक्षा तक हिंदी मीडियम में सरकारी स्कूल है। लेकिन कक्षा आठवीं के बाद दाखिला लेना है तो छात्रों को गांव मताना, बरसीन, अयालकी, बनगांव, हिजरावां खुर्द के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दाखिला लेना होगा। जो कि 10 से 15 किलोमीटर दूर है। संवाद
मॉडल संस्कृति स्कूल में देनी होगी फीस
सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में नाममात्र फीस ली जाती है लेकिन मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिले और मासिक फीस तय है। कक्षा पहली से पांचवीं तक दाखिला फीस 500 और कक्षा छठी से बारहवीं की 1000 रुपये तक ली जाती है। इस बार विभाग द्वारा जो शेड्यूल जारी किया गया है उसके अनुसार कोई छूट मासिक फीस और दाखिले में नहीं दी गई है।
जिले में यहां है मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय फतेहाबाद।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय इंदाछुई।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भट्टूकलां।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भूना।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रतिया।
राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखल।
मॉडल संस्कृति स्कूल में पड़ने के लिए ये देनी है मासिक फीस
कक्षा मासिक फीस
कक्षा 1 से 3 200
कक्षा 4 से 5 250
कक्षा 6 से 8 300
कक्षा 9 से 10 400
कक्षा 11 से 12 500
एक हजार विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ेगा असर
मॉडल संस्कृति स्कूलों में दाखिले को लेकर सीटें भी तय की गई है। एक सेक्शन में कक्षा पहली से पांचवीं में 30 विद्यार्थी, कक्षा छठी से आठवीं में 35 विद्यार्थी, कक्षा नौवीं से बारहवीं में 40 विद्यार्थी दाखिला ले सकते है। सीबीएसई के नियम अनुसार अगर नया सेक्शन बनाना है तो शिक्षकों की भी व्यवस्था होनी चाहिए। ऐसे में कक्षा आठवीं के बाद दाखिले के लिए एक हजार विद्यार्थियों पर पढ़ाई का असर पडऩा तय है।
कोट
अगर कोई छात्र हिंदी मीडियम और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से पढऩा चाहता है तो उसके लिए जिला मुख्यालय में स्कूल नहीं है। विभाग को चाहिए कि जिला मुख्यालय के किसी सरकारी स्कूल को अपग्रेड किया जाए ताकि छात्र वहां पर दाखिला ले सकें और उसके भविष्य पर कोई असर न पड़े।
-कपिल जांगड़ा, खंड प्रधान, हसला
कोट
ये मामला अभी संज्ञान में आया है। हिंदी माध्यम पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए सरकारी स्कूल की व्यवस्था की जाएगी। चुनाव के बाद इस समस्या का जरूर हल करवाया जाएगा।
- दुड़ाराम, विधायक, फतेहाबाद
कोट
गांव मताना का स्कूल शहर के नजदीक ही है। उसको अपग्रेड करवाया जा चुका है। हिंदी माध्यम के विद्यार्थी वहां दाखिला ले सकते हैं।
संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद