फतेहाबाद। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तरफ से जिले में ग्राम सचिव, कैनाल पटवारी और पटवारी पद के लिए 7 जनवरी से 9 जनवरी तक लिखित परीक्षाएं ली जा रही है। परीक्षा को लेकर जिले में 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। लेकिन इस बार शिक्षा विभाग की डिमांड के बाद परीक्षा केंद्रों में फेरबदल किया गया है। एचएसएससी ने परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची तैयार करके शिक्षा विभाग को दे दी है।
एचएसएससी की होने वाली परीक्षाओं में इस बार एमएम कॉलेज में केंद्र नहीं बनाए गए हैं। एमएम पीजी कॉलेज और बीएड कॉलेज में सेंटर नहीं होगा। इसके अलावा राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल और कन्या स्कूल में एक-एक सेंटर ही रखा गया है। पहले यहां पर दो-दो सेंटर होते है। परीक्षाओं को लेकर पहली बार कुछ नए स्कूलों में भी सेंटर बनाए गए है। एक परीक्षा केंद्र पर एक शिफ्ट में 300 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे।
एचएसएससी की परीक्षाओं को लेकर ये होंगे सेंटर
राजकीय महिला महाविद्यालय ब्लॉक एक और बी
डेफोडिल्स पब्लिक स्कूल
एमएसडी स्प्रिंग बेल्स स्कूल
पायनियर कॉवेंट स्कूल
डीएवी स्कूल बीघड़ रोड ब्लॉक ए और बी
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल
गांधी विद्या मंदिर स्कूल
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नजदीक बालभवन
अपेक्स कॉवेंट स्कूल
सेंट जोनस इंटरनेशनल स्कूल
सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल
क्रिसेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन
क्रिसेंट पब्लिक स्कूल
माउंट लिट्रा जी स्कूल
स्कॉलर्स कॉवेंट स्कूल भूना रोड
6 चरणों में होनी है परीक्षाएं
ग्राम सचिव, पटवारी और कैनाल पटवारी की परीक्षाएं 6 शिफ्टों में होंगी। यानि एक दिन में दो शिफ्टों में परीक्षाएं होंगी। करीब 30 हजार 600 परीक्षार्थी परीक्षाएं देंगे। जिले के परीक्षार्थियों को जिला मुख्यालय में ही सेंटर मिलेंगे या नहीं, ये एडमिट कार्ड जारी होने के बाद ही पता चल पाएगा।
एक जनवरी से जारी होंगे एडमिट कार्ड
परीक्षा को लेकर एचएसएससी एडमिट कार्ड एक जनवरी को जारी करेगा। परीक्षाएं इस बार सुबह के सत्र में 10 बजे से लेकर साढ़े 11 बजे तक होंगी। परीक्षार्थियों को सवा 9 बजे से पहले प्रवेश करना होगा। इसके अलावा शाम के सत्र में परीक्षा दोपहर 3 बजे से लेकर साढ़े 4 बजे तक होगी। परीक्षार्थियों को सवा 2 बजे से पहले प्रवेश करना होगा।
कोट
एचएसएससी की तरफ से 7 जनवरी से लेकर 9 जनवरी तक परीक्षाएं ली जा रही है। परीक्षा केंद्रों की सूची जारी हो गई है। इस बार परीक्षा केंद्रों को लेकर कुछ फेरबदल किया गया है।
- दयानंद सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी