फतेहाबाद। जिला परिषद के चुनाव हुए चार माह बीत चुके हैं। मगर ग्रामीण विकास को सिरे चढ़ाने के लिए जिला परिषद के पास अभी तक कोई ग्रांट नहीं आई है। इसके चलते चार महीने से जिला पार्षद किसी भी समस्या के समाधान को लेकर रूपरेखा तक तैयार नहीं कर पा रहे हैं। दूसरी तरफ ग्रामीण गांवों की छोटी-छोटी समस्याओं का निदान करने के लिए आए दिन पार्षदों से लेकर चेयरपर्सन तक के पास शिकायतें दे रहे हैं। नए पार्षदों के सामने यह वित्त वर्ष बिना बजट ही बीत गया।
गौरतलब है कि पूरे डेढ़ साल बाद हुए चुनाव के बाद 28 नवंबर 2022 को जिला परिषद के सदस्यों का चयन हुआ था। जिले में 18 जिला पार्षद निर्वाचित हुए। बाद में जिला परिषद की चेयरपर्सन वार्ड नंबर छह की पार्षद सुमन खिचड़ को चुना गया जबकि उपप्रधान वार्ड नंबर 16 की कैलाशो देवी बनीं। एक माह पहले जिला परिषद की बजट बैठक हुई। उस बैठक में कई मुद्दों पर विचार किया गया। उसके बाद अभी तक जिला परिषद की दूसरी बैठक भी नहीं हुई है।
बजट नहीं आने से ये कार्य नहीं करवा पा रहे पार्षद
जिला परिषद के पास कोई नया बजट नहीं आने के कारण ग्रामीण विकास को गति देने का काम नहीं हो पा रहा है। गांवों में जिला परिषद से संबंधित पेयजल आपूर्ति, शैड निर्माण, सड़कों व गलियों का निर्माण, गांवों में स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था, तालाबों की खुदाई, खालों के निर्माण के अलावा रास्तों को चौड़ा करने सहित कई विकास कार्य अटके हुए हैं। जिला परिषद के सदस्य भी ग्रांट के इंतजार में लगे हुए हैं।
जो पांच-पांच लाख मिले, उनसे कोई डिमांड नहीं भेजी
जिला परिषद की पहली बैठक में 15वें वित्त आयोग से मिली 91 लाख रुपये की ग्रांट को सभी पार्षदों में पांच-पांच लाख रुपये देकर बांटा गया था। मगर मात्र तीन-चार जिला पार्षदों के अलावा अन्य किसी ने भी इस पांच लाख से होने वाले किसी कार्य में रुचि नहीं दिखाई है। इन पार्षदों ने पांच लाख तक के कामों के लिए कोई डिमांड नहीं भेजी है।
जिला पार्षद ग्रांट का कर रहे इंतजार
अभी तक जिला परिषद को विकास कार्य के लिए नया बजट जारी नहीं किया गया है। पहले पांच लाख रुपये दिए गए थे, जिससे पुलिया तक का निर्माण नहीं करवाया जा सकता। इस ग्रांट से वाटर कूलर ही लगवा सकते हैं। जिला पार्षद ग्रांट का इंतजार कर रहे हैं, ताकि विकास कार्य करवा सकें।
-बंटी गढ़वाल, जिला पार्षद, वार्ड नंबर सात
बजट आने पर ही विकास कार्यों को गति दे पाएंगे
जिला परिषद के पास नया बजट नहीं आया। सिर्फ एक बार पांच लाख रुपये ही हर पार्षद को विकास कार्यों के लिए मिले थे। अब तो नए वित्त वर्ष में बजट आने पर ही विकास कार्यों को गति दे पाएंगे।
-गौरव शर्मा, जिला पार्षद, वार्ड नंबर तीन
कोट
प्रदेश सरकार से जिला परिषद के लिए बजट की मांग की गई है। जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद जिले के सभी गांवों में समान रूप से विकास कार्य करवाया जाएगा।
-सुमन खिचड़, प्रधान जिला परिषद, फतेहाबाद