फतेहाबाद। फतेहाबाद में नगर परिषद द्वारा डिवाइडरों पर लगी ग्रिलों को उखाड़कर दोबारा लगाने के लिए जारी किए गए ढाई करोड़ के टेंडर में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए एक ज्ञापन गृहमंत्री अनिल विज को भेजा था। जिस पर संज्ञान लेते हुए गृहमंत्री ने फतेहाबाद के उपायुक्त को पत्र लिखकर इस मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर परिषद ने शहर में लगे डिवाइडराें पर ग्रिलें लगाने के लिए ढाई करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए थे। जिसका बाद में विरोध आरंभ हो गया था। नगर परिषद के प्रधान राजेंद्र खिची ने भी इस टेंडर पर आपत्ति जताई थी। वहीं शहर की सामाजिक संस्थाएं भी इसका विरोध करने में जुट गई। सामाजिक संस्थाओं के अनुसार, इन डिवाइडरों पर हजारों पौधे लगाए थे। अगले साल यह पौधे परिपक्व हो जाएंगे। वहीं भूना रोड पर भी हाल ही में बनी सड़क के डिवाइडरों पर पौधे लगाए गए हैं, जिसका रखरखाव लोक निर्माण विभाग करेगा। उनका आरोप था कि नगर परिषद डिवाइडरों पर लगी ग्रिलों को तोड़कर दोबारा इनको लगाने जा रही है, जबकि ग्रिलें सही सलामत हैं और पिछले दिनों मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान इनको पेंट भी किया गया था। अगर इन ग्रिलों को तोड़ा जाता है, तो दो हजार पौधे नष्ट हो जाएंगे। सामाजिक संस्थाओं ने पपीपा पार्क के गेट की सफाई कर इसका भी विरोध किया था, क्योंकि नगर परिषद 50 लाख की लागत से यहां नया गेट लगवा रही है। जबकि यह सही अवस्था में पड़ा है। आरोप है कि नगर परिषद में भ्रष्टाचार का बोलबाला है और सभी मिलकर सरकार का पैसा लूटने का प्रयास कर रहे हैं।
सिटी वेलफेयर क्लब के प्रधान विनोद अरोड़ा ने बताया कि इन सभी मुद्दों को लेकर सभी सामाजिक संस्थाओं ने सीएम मनोहरलाल व गृहमंत्री अनिल विज को ज्ञापन भेजा था। जिस पर अब गृहमंत्री ने फतेहाबाद के उपायुक्त को पत्र लिखकर इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।