कथा वाचक स्वामी राजेंद्रानंद महाराज
फतेहाबाद। गांव काजलहेड़ी की श्रीकृष्ण प्रणामी गोशाला में श्रीहरि साप्ताहिक कथा का आयोजन किया जा रहा है। बुधवार को कथा के तीसरे दिनों कथावाचक स्वामी राजेंद्रानंद महाराज गो सेवा से मिलने वाले धार्मिक व सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि कि गोमाता के बारे में हमें गलत शब्द के उच्चारण से बचना चाहिए। जिस गाय माता में 33 कोटि देवताओं का वास होता हैं। वह गाय वंदनीय है। उसके बारे में गलत शब्द का प्रयोग से धर्म की हानि होती है।
सनातन धर्म की उन्नति के लिए हमें गाय, गंगा व गीता को संरक्षित करने का कार्य करना होगा। कथा में आए हुए श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए स्वामी राजेंद्रानंद महाराज ने कहा कि हमें गो सेवा करनी चाहिए, क्योंकि गोसेवा से आर्थिक और सामाजिक उन्नति होती है। इस दौरान उन्होंने गाय के आर्थिक लाभ बताते हुए कहा कि गाय हमें दूध, दही, घी, और गोबर जैसे उपयोगी उत्पाद देती है।
गाय की सेवा करने से लोगों में दया और करुणा जैसे मानवीय गुण विकसित होते हैं। स्वामी राजेंद्रानंद महाराज ने गाय को कामधेनु भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है सभी इच्छाओं को पूरा करने वाली। जो व्यक्ति गाय की पूजा करता है उसकी आर्थिक उन्नति निश्चित है। उन्होंने बताया कि गाय की सेवा करके अनेक लोग अपना जीवन सुधार चुके है।
उन्होंने कहा कि गोशालाओं की शुरूआत किसानों ने खेती बचाने के लिए शुरू की थी, लेकिन अब गोशाला पूरे गांव का कल्याण करने वाली साबित हो रही है। गांव के लोग मिलकर गो सेवा कर रहे है। इससे पूरे गांव में गोसेवा से सामाजिक में सद्भाव और भाईचारा बढ़ रहा है। इस मौके पर बड़ी संख्या में गोभक्त मौजूद रहे।