संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। गांव बैजलपुर में गलत तरीके से बनाई गई बूस्टिंग स्टेशन की बाउंड्री वॉल ठीक करने को लेकर दिए गए आदेश का पालन न करने पर हाईकोर्ट ने जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के एक्सईएन को फटकार लगाते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना किया है। हाईकोर्ट ने वारंट जारी करते हुए क्षेत्र के एसएचओ को आदेश दिया है कि वे अगली तारीख तक संबंधित अधिकारी को हाईकोर्ट में पेश करें।
गलत तरीके से बनाई गई बूस्टिंग स्टेशन की बाउंड्री वॉल को लेकर गांव बैजलपुर निवासी रामनिवास ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इससे पूर्व ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के मंत्री को पत्र लिखकर समस्या से अवगत करवाया था। मंत्री को लिखे पत्र में लोगों ने कहा था कि गांव में 24 फुट की गली है, जिसको रामनिवास सहित काफी लोग प्रयोग करते हैं। यहां पर सार्वजनिक चौक भी बना हुआ है। गांव के लोग पिछले 35 सालों से इस गली व चौक का इस्तेमाल करते चले आ रहे हैं। अब इस जगह पर विभाग व ग्राम पंचायत द्वारा बूस्टिंग स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है, जो गलत जगह बन रहा है। ग्राम पंचायत ने 21 अक्तूबर 2020 को पास किए प्रस्ताव में रामदेव मंदिर के पास खाली पड़ी 18 मरले जगह बूस्टिंग स्टेशन के निर्माण के लिए दे रखी है और इसी जगह पर बूस्टिंग स्टेशन स्वीकृत हुआ है। मगर गांव की राजनीतिक पार्टीबाजी के कारण बूस्टिंग स्टेशन की जगह को बदल दिया गया। अब गली में इसका निर्माण हो रहा है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एडवोकेट महेंद्र धारनियां ने बताया कि कोई कार्रवाई न होने पर गांव के ही रामनिवास ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर हाईकोर्ट ने विभाग के एक्सईएन को छह सप्ताह में कार्रवाई करने और गलत तरीके से बनाए गए बूस्टिंग स्टेशन की बाउंड्री वॉल को ठीक करने के आदेश दिए थे। एक्सईएन ने हाईकोर्ट के आदेश की कोई परवाह नहीं की। इस पर रामनिवास ने हाईकोर्ट में अवमानना की याचिका दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और अधिकारी पर 10 हजार जुर्माना करने के साथ-साथ एसएचओ को अगली तारीख तक अधिकारी को पेश करने को लेकर वारंट भी जारी किए हैं।