फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपलों की जांच अब सिरसा के नागरिक अस्पताल में होगी। स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने सैंपलों की जांच के लिए फतेहाबाद का बजट सिरसा को जारी कर दिया है। यहां पर जांच सुविधा न होने के कारण सिरसा को बजट दिया गया है।
मंगलवार को 25 सैंपल हेपेटाइटिस सी और पांच सैंपल बी के सिरसा में भेजे गए है। इससे पहले सैंपल जांच के लिए बहादुरगढ़ भेजे जा रहे थे।जिले में अभी करीब 500 मरीज सैंपल का इंतजार कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल में वर्ष 2022 से सैंपल बंद है। पहले हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपलों की जांच को लेकर विभाग ने निजी लैब से अनुबंध कर रखा था। लेकिन वर्ष 2022 में अनुबंध को खत्म कर दिया था। इसके बाद से सैंपल प्रदेश के अलग-अलग अस्पताल में घूम रहे हैं।
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तीन साल से दूसरे जिलों का सहारा
वर्ष 2017 में जिला मुख्यालय में ही हेपेटाइटिस सी की जांच शुरू हुई थी। विभाग की तरफ से कूपन दिए जाते थे और निजी लैब में जांच होती थी। लेकिन 28 जुलाई 2022 को ये अनुबंध खत्म कर दिया और कोरोना जांच के लिए शुरू की गई आरटीपीसीआर लैब में सैंपल जांच के निर्देश दिए थे लेकिन लैब में माइक्रोबायलॉजिस्ट न होने के कारण जांच शुरू नहीं हो पाई। बीच में करीब 6 माह ही सैंपलों की जांच शुरू हुई थी जब विशेषज्ञ थे।
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रेड जोन में शामिल रह चुका है जिला
हेपेटाइटिस सी को लेकर जिला रेड जोन में शामिल रह चुका है। रतिया क्षेत्र में हेपेटाइटिस सी के सबसे ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। विशेषज्ञ डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होती है। इसमें ए, बी, सी, डी व ई शामिल हैं। हेपेटाइटिस का वायरस संक्रमित रक्त, संक्रमित रक्त उत्पाद, दूषित सूई, रेजर, ब्रश से होता है। हेपेटाइटिस सी के अंतिम चरण में लीवर कैंसर तक हो सकता है।
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ये रही है जिले में मरीजों की स्थिति
वर्ष 2017 से 2025 तक मरीजों का पंजीकरण - 8868
उपचार के लिए चिह्नित मरीज - 6871
नोट : ये आंकड़ा जुलाई 2025 तक का है।
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नागरिक अस्पताल से हेपेटाइटिस सी और बी के सैंपल अब सिरसा नागरिक अस्पताल में भेजे जाएंगे। मंगलवार से इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। मरीजों को इससे काफी राहत मिलेगी।
-डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, फतेहाबाद।