फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तेज बारिश और ओलावृष्टि से शहर में जलभराव, खेतों में बिछी गेहूं की फसल

विज्ञापन
फतेहाबाद में बारिश से बिछी गेहूं की फसल - फोटो : Fatehabad
विज्ञापन
फतेहाबाद। जिले में दो दिन से जारी बारिश का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। शुक्रवार सुबह 10 बजे तेज हवाओं के साथ शुरू हुई तेज बारिश शाम 3 बजे तक जारी रही। बारिश की वजह से जहां शहर जलमग्न हो गया वहीं खेतों में गेहूं की फसल बिछ गई। भूना व जाखल के कई गांवों में ओलावृष्टि भी हुई। शुक्रवार को जिले में करीब 25 एमएम बारिश दर्ज की गई।
विज्ञापन

बारिश से गेहूं की फसल को खासा नुकसान बताया गया है। जिले में कुल 1.90 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की खेती की गई है। गेहूं की फसल को नुकसान की आशंका के चलते कृषि विभाग ने अनेक किसान फसल बीमा के फार्म भरने भी पहुंचे। कृषि उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने कहा कि जिन किसानों का नुकसान हुआ है वह 72 घंटे के भीतर अपने आवेदन संबंधित कृषि विभाग को दे दें।
शुक्रवार सुबह आसमान में काले बादल छा गए। 10 बजे एकाएक झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश लगातार जारी रहने से शहर के बाजारों व निचली कालोनियों में पानी का भराव हो गया। नेशनल हाइवे पर बारिश के कारण गाड़ियां रेंगती नजर आई। बाजारों में जलभराव होने से दुकानदारों का काम भी ठप्प हो गया, जबकि स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को खासी दिक्कत हुई। तीन दिन से हो रही बारिश के बाद शुक्रवार सुबह बारिश शुरू हुई तो पहले से गीली भूमि पर गेहूं की फसल बिछ गई। ज्यादा गीली जमीन पर गेहूं बिछने से गेहूं जमीन में चिपक गई। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन पर गिरी गेहूं तो मौसम खुलने पर उठ जाएगी, लेकिन जो गेहूं भूमि पर चिपक गई है उसमें नुकसान है। किसानों की अगेती व पिछेती दोनों ही गेहूं को इस बारिश से नुकसान बताया गया है। भूना, जाखल, टोहाना, कुलां के गांवों में बारिश के बाद भारी ओलावृष्टि भी हुई है। कुलां में गांव नन्हेड़ी, मंघेड़ा, लहरियां, भूदड़ा, रसूलपुर, कुनाल में शुक्रवार 2 बजे से लेकर 4 बजे तक बारिश हुई इस बीच ओलावृष्टि भी हुई। जाखल में कुलां, सिधानी, चांदपुरा, भट्टू कलां, दैय्यड़, रामसरा, बोदीवाली, ढ़ाबी, बनमंदोरी, भूना में जांडली कला, चन्द्रावल में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को 25 से 40 फीसदी नुकसान बताया जा रहा है।
विज्ञापन

इतनी हुई बरसात
बता दे कि फरवरी महीने में 9 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। बुधवार को यहां 2 एमएम, वीरवार को 9 एमएम तथा शुक्रवार को 25 एमएम बारिश हुई। फरवरी 2019 में 3 एमएम तथा मार्च 2019 में केवल 7 एमएम बारिश हुई थी।
यहां-यहां हुआ जलभराव
शहर के जवाहर चौक, थाना रोड, बीघड़ चौक, नेशनल हाइवे, भट्टू रोड, मॉडल टाऊन, नागरिक अस्पताल, धर्मशाला रोड, तुलसीदास चौक, सिरसा रोड, रतिया रोड पर एक-एक फुट पानी का जमाव हो गया, जहां लोगों को आने-जाने में भी परेशानी हुई।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने कहा कि इस बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल बिछ गई है, क्योंकि तीन दिन से जमीन गीली थी। इसलिए अगेती व पछेती दोनों को ही नुकसान की आशंका है। नुकसान कितना है इसका सर्वे करवाया जायेगा। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि जिन किसानों को लगता है कि उनका नुकसान हुआ है। वह 72 घंटे के भीतर अपना आवेदन कृषि विभाग को दे सकते हैं।
बिजली सप्लाई रही बंद
तीन दिन से हल्की बारिश व शुक्रवार को पूरा दिन चली बरसात से लोगों को बिजली की कटौती का सामना करना पड़ा। बुधवार सुबह 10 बजे बंद हुई बिजली की सप्लाई 12:30 बजे बहाल हुई तो बारिश आने के बाद फिर बत्ती गुल हो गई। जो 3 बजे बहाल हुई। निगम के एसडीओ धीरज कुमार का कहना है कि ट्रांसफार्मर व बड़ी केबल गीली होने के कारण इसमें ट्रिपिंग हो जाती है, जिस कारण बजिली काटनी पड़ती है।

नेशनल हाईवे पर बारिश से गुजरते वाहन- फोटो : Fatehabad

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें