फतेहाबाद। जिला परिषद की मीटिंग शुक्रवार को प्रधान राजेश कसवां की अध्यक्षता में हुई। इसमें रखे गए कुल 10 एजेंडे को पास कर दिया गया। मीटिंग में मनरेगा में भ्रष्टाचार का मुद्दा छाया रहा। इस मीटिंग में 14 में से 13 पार्षदों ने प्रधान राजेश कसवां को ग्रांट बांटने का अधिकार दिया है। हालांकि जिला पार्षद युक्ति गोदारा ने इसका विरोध किया। मीटिंग में 18 जिला पार्षदों में से 14 पार्षदों ने भाग लिया। पार्षद सुशीला सिहाग, अजय मेहता, गीता नांगली व कमला भुक्कर मीटिंग में नहीं आई।
मीटिंग के आरंभ होते ही जिला पार्षद रामचंद्र सहनाल ने एक एबीपीओ पर मनरेगा में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उसको बदलने की मांग की। रामचंद्र सहनाल ने बताया कि उसके खिलाफ वह बीडीपीओ को तीन बार शिकायत दे चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहंी हुई। बीबो इंदौरा ने बताया कि गांव बाड़ा को स्वच्छ गांव घोषित कर दिया गया है, लेकिन गांव निवासी एक महिला के घर अभी तक शौचालय नहीं बनवाया गया है। नीटू गिल ने कहा कि एबीपीओ को मनरेगा का इंचार्ज बना दिया गया है, जो गलत है। पार्षद विजेन्द्र सिवाच ने आरोप लगाया कि गांव गोरखपुर में सीएम घोषणा के तहत वाटर वर्क्स का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें भारी घपला हो रहा है। इसकी जांच की जाए।
विकास कार्य के लिए मांगे सीएम से 36 करोड़ रुपये
मीटिंग में प्रधान राजेश कस्वां ने बताया कि जिला परिषद के विकास कार्यों के लिए वह 12 फरवरी को सीएम से मिले थे और 36 करोड़ की मांग की थी। इस पर सीएम ने इसकी हामी भर दी है, इसलिए प्रत्येक पार्षद सोमवार तक अपने कामों की लिस्ट बनाकर दें, ताकि सीएम से ग्रांट लाई जा सके। उन्होंने बताया कि उम्र पूरी होने पर भी जिन लोगों की बुढ़ापा पेंशन नहीं बनाई जा रही, इसकी शिकायत उन्होंने चंडीगढ़ में उच्चाधिकारियों से की है। उन्होंने बताया कि नगर परिषद ने हाल ही में शहर में जो लाइटें उतारी हैं और जो ठीक हालात में है, उनको खरीदने के लिए उन्होंने नगर परिषद को पत्र लिखा है।
चार वर्षों से मनरेगा के तहत हुए कार्यों की होगी जांच
मीटिंग में जिला परिषद चेयरपर्सन राजेश कसवां ने कहा कि 4 वर्षों से मनरेगा में हुए किसी भी पक्के काम की सैंपलिंग नहीं करवाई गई, जबकि शायद ही ऐसा कोई दिन की इस बाबत कार्यालय को कोई शिकायत नहीं मिली हो। उन्होंने जिला परिषद बैठक में फैसला लिया कि पिछले 4 वर्षों से मनरेगा के तहत जो भी पक्के कार्य हुए है, उनकी नॉन एग्ज्युक्यूटिंग एंजेसी से सैंपल भरवाकर श्रीराम लैब दिल्ली में भेजी जाएगी तथा भविष्य में किसी भी कार्य की क्वालिटी पर कोई समझौता नही किया जाएगा और सैंपलिंग को एक रूटीन प्रक्रिया बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पिछले 4 सालों नरेगा में हुए कार्यों की उनकी एक बुकलेट छपवाई जाएगी। इस अवसर पर सीआईओ प्रवीन कुमार, डीडीपीओ बलजीत चहल, मनरेगा इंचार्ज गुरदीप सैनी, एओ भास्कर जोशी सहित जिला पार्षद मौजूद थे।