गांव समैण में बने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार को महिला चिकित्सक के ड्यूटी पर न मिलने पर ग्रामीण भड़क गए। गुस्साए ग्रामीणों ने पीएसची को ताला जड़कर हिसार रोड पर बस स्टैंड के पास पर जाम लगा दिया।
ग्रामीणों ने इस मौके पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। लगभग ढाई घंटे लगे जाम को तहसीलदार नवदीप नैन ने कार्रवाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। इस दौरान वाहन चालकों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, गांव समैण निवासी प्रदीप शर्मा अपनी गर्भवती पत्नी का चेकअप करवाने उसे सुबह लगभग 11 बजे गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ले गया। लेकिन वहां चिकित्सक न होने के कारण महिला दर्द से कराहती रही।
अस्पताल में मौजूद अन्य कर्मचारी द्वारा संतोषजनक जवाब न देने पर उसके साथ आए अन्य ग्रामीण भी भड़क उठे तथा वहां ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। उन्होंने पीएचसी के मुख्यद्वार को ताला जड़ दिया और प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हिसार रोड पर जाम लगा दिया।
जाम की सूचना मिलते ही कुला चौकी इंचार्ज रमेश कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीण आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। उस बाद तहसीलदार नवदीप नैन पहुंचे तथा पीएचसी का रजिस्टर चेक कर कार्रवाई आरंभ कर दी। जानकारी के अनुसार, पीएचसी इंचार्ज सीएमओ की मीटिंग में भाग लेने के लिए फतेहाबाद गया हुआ था। उसकी पत्नी डॉ. उर्मिला भी अस्पताल में मौजूद नहीं थीं।
जाम में फंसे रहे वाहन
सुबह लगभग 12 बजे लगे जाम में सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई। लगभग ढाई घंटे बाद जाम खुलने के बाद वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।
क्या कहते हैं पीएचसी लैब टेक्नीशियन
पीएचसी लैब टेक्नीशियन राधेश्याम ने बताया कि सुबह गर्भवती महिला इलाज के लिए आई थी, लेकिन अस्पताल में महिला चिकित्सक न होने के कारण उसे टोहाना रेफर कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने उसकी एक नहीं सुनी और जाम लगा दिया।