जिला परिषद चुनाव के नतीजों के बाद अब जिला परिषद चेयरमैन पद के लिए भागदौड़ शुरू हो गई है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी फतेहाबाद जिला परिषद के महिला आरक्षित चेयरमैन पद के लिए किसी लो-प्रोफाइल पार्षद के नाम आगे कर सकती है।
ऐसी स्थिति में वार्ड नंबर-6 से भाजपा समर्थित पार्षद कमला भुक्कर का नाम सामने आता दिख रहा है। हालांकि, वार्ड-5 की पार्षद युक्ति गोदारा का नाम भी महिला आरक्षित चेयरमैन पद के लिए लिया जा रहा है, लेकिन उनके परिवार की कांग्रेसी पृष्ठभूमि इसमें आड़े आ रही है।
कांग्रेस और भाजपा समर्थित पार्षदों की संख्या बराबर होने के चलते दोनों ही पार्टियों के नेता इस गुणा-भाग में ज्यादा रुचि लेते दिख रहे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के गृह जिले में कांग्रेसी जिप चेयरमैन बनवाकर हाईकमान के सामने अपनी स्थिति को मजबूत करने की फिराक में हैं वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष किसी भी हालत में अपने गृह जिले की चौधर को बाहर नहीं जाने देना चाहते।
भाजपा जिलाध्यक्ष देर रात तक मिलते रहे पार्षदों से, बराला भी कराएंगे ब्रेकफास्ट
भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, रतिया निवासी भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां वीरवार देर रात तक फतेहाबाद शहर में ही चुने गए जिला पार्षदों से मिलते रहे। जिला परिषद के चुनावों का नतीजा दोपहर तक आ गया था। ऐसे में सत्ताधारी पार्टी के जिलाध्यक्ष का देर रात तक फतेहाबाद में रहना अपने आप में अटकलों को जन्म देने के लिए काफी है।
दूसरी ओर, रविवार को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने भी जिला परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों को नाश्ते पर बुलाया है। इस ब्रेकफास्ट डिप्लोमेसी से अंदाजा हो जाएगा कि आखिर भाजपा के पास दिखाने को क्या है और छिपाने को क्या। बताया तो यहां तक गया है कि भाजपा हाईकमान ने उपप्रधानगी वार्ड-7 और वार्ड-3 को भी देने का प्रस्ताव रखा है। लेकिन यहां के पार्षद प्रधानी पर ही अड़े हैं।
ऐसे में भाजपा हाईकमान अब इनेलो पार्षदों के सहारे जिप की लड़ाई लड़ने के मूड में है। वैसे अगर कोई दाव नहीं चलता तो संभव है कि आखिरी पत्ते के रूप में सुनीता कस्वां को जिप की चौधर सौंपी जाए। इसके अलावा नीटू गिल और बीबो इंदौरा भी चौधर के लिए दावा ठोंक चुकी हैं। लेकिन उनके दावे में कितना दम है, यह तो रविवार को सुभाष बराला के घर जिला पार्षदों की बैठक में ही पता चलेगा।
इनेलो पार्षदों को दिया जाएगा उपाध्यक्ष पद का प्रलोभन!
इस चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान अगर किसी राजनीतिक दल को हुआ है तो वह इनेलो है। 18 सीटों पर इनेलो की ओर से अधिकृत उम्मीदवार उतारे गए थे लेकिन महज तीन उम्मीदवारों को ही सफलता मिली। खासतौर पर इनेलो का गढ़ माने जाने वाले भट्टू में भी इनेलो का सुपड़ा साफ हो गया है।
यहां वार्ड-1 से भाजपा के अनिल गोरछियां जीते हैं तो दूसरे वार्ड से सतपाल शर्मा। ऐसे में भाजपा का थिंक टैंक किसी निर्दलीय को राजी करने की बजाय पहले इनेलो पार्षदों का दिल टटोलने के मूड में है। अगर जिप उपाध्यक्ष पद के बदले इनेलो भाजपा समर्थित उम्मीदवार को समर्थन दे देती है तो भी भाजपा इसके लिए तैयार दिख रही है। इस खेल में सबसे अच्छी पोजिशन में इस वक्त वार्ड पांच की पार्षद युक्ति गोदारा दिखाई दे रही हैं।
हालांकि, रविवार को होने वाले ब्रेकफास्ट के लिए अभी तक उनको निमंत्रण तक नहीं दिया गया है। जानकारों का कहना है कि भाजपा हाईकमान इसके लिए मेंटली प्रिपेयर हो रहा है। हालांकि, युक्ति गोदारा का चुनाव भी लाइम लाइट में तो रहा, लेकिन दुड़ाराम जैसे राजनीतिक दिग्गज के समर्थित उम्मीदवार को दुड़ाराम के गांव में ही पछाड़ना बीजेपी नेताओं को प्रभावित कर गया है।
चुनाव नतीजे आने के बाद सभी विजेता उम्मीदवारों को शुभकामनाएं दी हैं। इनमें इनेलो पार्षद भी शामिल हैं। उनसे व्यक्तिगत संबंध तो हैं ही। अभी तक तो पार्षदों का शपथ होगी, उसके बाद ही जिप चेयरमैन के लिए कार्यवाही शुरू होने की संभावना है। -वेद फुलां, जिलाध्यक्ष, भाजपा, फतेहाबाद