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Fatehabad News: कुनाल में मिला हवन कुंड, धार्मिक प्रवृत्ति के थे हड़प्पा काल के लोग

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फतेहाबाद। फतेहाबाद जिले के गांव कुनाल में करीब 6 हजार साल पुरानी प्री-हड़प्पा सभ्यता के दौरान लोगों के रहन-सहन व उनके रीति-रिवाज के राज अभी खुलने बाकी हैं। पुरातत्व विभाग ने यहां पर फिर से खोदाई का काम आरंभ किया है और यहां पर कुछ नए प्रमाण मिल रहे हैं। हाल ही में करीबन 23 फुट की खोदाई पर पुरातत्व विभाग को यहां पर हवन कुंड मिला है। विभाग के अनुसार उस समय लोग धार्मिक रीति रिवाजों को मानते थे और हवन आदि भी करते थे। यहां अग्नाशेय यानि आग से जले अवशेष भी मिले हैं।
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प्री-हड़प्पा व हड़प्पा काल की गांव कुनाल की इस साइट पर पुरातत्व विभाग ने एक बार फिर खोदाई का कार्य आरंभ किया है। जमीन से यह टीला ऊंचा है तो इसके नीचे भी इतिहास की काफी परत दबी हुई हैं। इन्हीं परतों को निकालने के लिए यहां पर आठवीं बार खोदाई का कार्य आरंभ किया गया है। पुरातत्वविदों के अनुसार, कुनाल में जो सभ्यता पनपी थी वह प्री हड़प्पा व हड़प्पा काल के दौरान की है। यहां पर जो अवशेष मिल रहे हैं, इनसे पता चलता है कि यहां के लोग कितने सभ्य थे। उनके पास हथियार बनाने, भट्ठियों का निर्माण करके व्यापार के लिए मनके, मिट्टी के बर्तन, सोने व चांदी के जेवरात तथा हाथी दांत से चूड़ियां बनाने की कला थी। यहां पर सभ्यता का जो विकास हुआ है, वह सरस्वती नदी के किनारे ही हुआ था। उस समय सरस्वती नदी को यहां पर हाकड़ा नदी के नाम से जाना जाता था और प्री-हड़प्पा काल को हाकड़ा काल भी बोला जाता है। संवाद




रहन-सहन व रीति-रिवाज के राज भी आएंगे सामने

खोदाई के दौरान करीब 23 फुट की गहराई पर पुरातत्व विभाग को हवन कुंड मिला है। इस हवन कुंड को चारों ओर से ईंटों से ढका गया था और इसमें अग्नाशेय पदार्थ मिले हैं, जिससे लग रहा है कि इस सभ्यता के लोग भले ही मांसाहार हों, लेकिन वह धार्मिक प्रवृति के भी थे। राष्ट्रीय संग्रहालय दिल्ली के निदेशक बीआर मनी व हरियाणा पुरातत्व विभाग की उपनिदेशक डॉ. बुनानी भट्टाचार्य ने बताया कि अभी इस बात का पता लगाना है कि यह लोग किस प्रकार के देवी देवताओं को मानते थे। खोदाई का कार्य जारी है तथा कुनाल में मिली हड़प्पा सभ्यता के और भी प्रमाण सामने आएंगे। साइट इंचार्ज रविकांत अत्री ने बताया कि इस साइट पर उनके रहन-सहन व रीति-रिवाज समेत काफी कुछ राज खुलने वाले हैं। इनके सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे।
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कोट

कुनाल में हवन कुंड मिला है और यही पता चलाया जाएगा कि धार्मिक प्रचलन यहां पर किस प्रकार का था। इसके अलावा यहां पर जगह-जगह अलग-अलग पिट मिल रहे हैं। खोदाई के दौरान परत दर परत जो सामग्री मिल रही है, उसके सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
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-डॉ. बुनानी भट्टाचार्य, उपनिदेशक पुरातत्व विभाग, हरियाणा।
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