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बुजुर्गों के सम्मान भत्ते पर चली सरकारी कैंची, परिवार की वार्षिक आय दो लाख से ज्यादा तो नहीं मिलेगी बुढ़ापा पेंशन

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फतेहाबाद। दो लाख से ज्यादा वार्षिक आय वाले परिवारों के बुजुर्गों को अब बुढ़ापा पेंशन नहीं मिलेगी। समाज कल्याण विभाग ने दो लाख रुपये से अधिक आय वाले बुजुर्गों की नई पेंशन बनानी भी बंद कर दी है। प्रदेश सरकार द्वारा पहले चार, फिर तीन और अब दो लाख रुपये से ज्यादा आय वाले बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन पर कैंची चलाने शुरू कर दी गई है।
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इस बार आई पेंशन भी कई बुजुर्गों के खाते में नहीं पहुंची है। इसके बाद ऐसे बुजुर्ग समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में आकर जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे बुजुर्गों को यही कहा जा रहा है कि बैंक खाते को चेक करके देखें, अगर दो लाख से ज्यादा आय है, तो मुख्यालय स्तर पर ही पेंशन काट दी गई है।
अब प्रदेश सरकार ने पेंशन सहित अन्य योजनाओं को फैमिली आईडी से जोड़ दिया है। ऐसे में जिन बुजुर्गों के परिवार की आय फैमिली आईडी के आधार पर दो लाख रुपये से ज्यादा दर्शाई जा रही है। उनकी पेंशन काट दी गई है। हालांकि, अभी तक जिले में ऐसे कितने बुजुर्गों की पेंशन काटी गई है, इस संबंध में पुख्ता डाटा अभी विभाग के पास नहीं आया है।
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जिले में पेंशनधारकों की संख्या
बुढ़ापा पेंशन धारक 77123
दिव्यांग पेंशन धारक 10046
विधवा पेंशन धारक 34684
पेंशन का ही बुजुर्गों का सहारा, वो भी छीन रही सरकार
हर बार पेंशन आती रही है। इस बार आसपास के अन्य साथियों की पेंशन आ गई, लेकिन उनकी नहीं आई। जब विभाग के कार्यालय में पता किया तो बताया गया कि दो लाख रुपये से ज्यादा वार्षिक आय वाले परिवारों के बुजुर्गों की पेंशन मुख्यालय से ही काट दी गई है।
श्यामलाल, निवासी, बीघड़ रोड
भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार तो बुजुर्गों की पेंशन 5100 रुपये महीने तक करने का दावा कर रही थी। मगर अब तो दो लाख से ज्यादा आय का बहाना बनाकर बुजुर्गों की पेंशन ही काट दी गई है। बुढ़ापे में पेंशन का ही बुजुर्गों के पास सहारा होता है, अब सरकार वह भी छीन रही है।
धर्मपाल, निवासी, भीमा बस्ती
बुढ़ापा पेंशन बनाने का क्राइटेरिया दो लाख रुपये तक का है। अगर किसी की वार्षिक आय दो लाख रुपये तक है, तो पेंशन बन जाएगी। अगर किसी की पेंशन कटी है, तो वह मुख्यालय स्तर का मामला है। - इंद्रा यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी, फतेहाबाद
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